📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Tisha Mukherjee
स्थानीय
काज़ीरंगा गांववासियों ने 1 किमी ईएसज़ योजना का समर्थन, आजीविका की चिंता
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🗓 19 अग. 2026, 10:40 AM
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काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के आसपास के गांवों के लोगों ने असम की 1 किमी ईएसज़ योजना का स्वागत किया, कहा यह उनके आजीविका की रक्षा के साथ संरक्षण भी सुनिश्चित करता है।
काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के आसपास के गांवों ने असम सरकार की नई प्रस्तावना का समर्थन किया, जिसमें उद्यान के चारों ओर के इको‑सेंसिटिव ज़ोन को 1 किलोमीटर तक घटाने की बात कही गई है। यह कदम संरक्षण और स्थानीय विकास दोनों को संतुलित करने के लिए एक अधिक स्थल‑विशिष्ट बफ़र बनाने का उद्देश्य रखता है।
गांव वाले कहते हैं कि छोटा ईएसज़ कृषि, पशुपालन और छोटे‑स्तर के उद्यमों पर लगे प्रतिबंधों को कम करेगा, जिससे उनकी आजीविका पर असर नहीं पड़ेगा। वे मानते हैं कि यह सीमित क्षेत्र उद्यान के मुख्य वन्यजीव आवास को सुरक्षित रखते हुए स्थानीय लोगों को आर्थिक गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति देगा।
असम के वन विभाग ने बताया कि संशोधित ईएसज़ को केंद्र के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूर होने पर यह पहल भारत के अन्य संरक्षित क्षेत्रों में पारिस्थितिक संरक्षण और समुदाय के कल्याण के संतुलन के लिए एक मॉडल बन सकती है।
गांव वाले कहते हैं कि छोटा ईएसज़ कृषि, पशुपालन और छोटे‑स्तर के उद्यमों पर लगे प्रतिबंधों को कम करेगा, जिससे उनकी आजीविका पर असर नहीं पड़ेगा। वे मानते हैं कि यह सीमित क्षेत्र उद्यान के मुख्य वन्यजीव आवास को सुरक्षित रखते हुए स्थानीय लोगों को आर्थिक गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति देगा।
असम के वन विभाग ने बताया कि संशोधित ईएसज़ को केंद्र के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूर होने पर यह पहल भारत के अन्य संरक्षित क्षेत्रों में पारिस्थितिक संरक्षण और समुदाय के कल्याण के संतुलन के लिए एक मॉडल बन सकती है।