कृषि
कृषि एवं ग्रामीण विकास में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर टीकमगढ़ जिले को राष्ट्रीय सम्मान
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत फसल कटाई के बाद भंडारण क्षमता बढ़ाने में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए टीकमगढ़ जिले को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने नई दिल्ली में यह सम्मान ग्रहण किया।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) के अंतर्गत कृषि क्षेत्र में समेकित कृषि विकास, विशेषतः फसल कटाई के बाद भंडारण क्षमता बढ़ाने पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए टीकमगढ़ जिले को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। योजना के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर नई दिल्ली स्थित एनएएससी कॉम्प्लेक्स में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में जिले की उपलब्धियों के लिए कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय को सम्मानित किया गया। भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (KPIs) की मासिक समीक्षा में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज कराने पर मध्यप्रदेश के पांच जिलों—टीकमगढ़, उमरिया, सीधी, शहडोल और डिंडौरी—का राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयन किया गया था।
टीकमगढ़ को मिला यह सम्मान कृषि उत्पादन में वृद्धि, जल संरक्षण, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, मत्स्य पालन, सहकारिता के डिजिटलीकरण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में किए गए प्रभावी प्रयासों और उपलब्धियों को रेखांकित करता है। वर्ष 2023-24 में गेहूं का उत्पादन 6.12 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 2025-26 में 6.92 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है, जबकि खरीफ फसलों के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य से अधिक बोवनी दर्ज की गई और उड़द के रकबे में भी वृद्धि हुई।
जल संरक्षण के क्षेत्र में जिले ने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप 134 नए जल संग्रहण ढांचों का निर्माण शत-प्रतिशत पूरा किया है। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के प्रयासों के तहत 5,225 किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं, जबकि 1,983 किसान जैविक खेती से जुड़े हुए हैं। मत्स्य पालन के क्षेत्र में भी निर्धारित लक्ष्य से अधिक प्रगति दर्ज की गई है। सहकारिता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में जिले की सभी 64 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का कंप्यूटरीकरण पूरा किया जा चुका है।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, किसानों की आय में वृद्धि करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसरों को सशक्त बनाना है। इस राष्ट्रीय सम्मान से कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने, किसानों के हित में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के नए अवसर सृजित करने के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
टीकमगढ़ को मिला यह सम्मान कृषि उत्पादन में वृद्धि, जल संरक्षण, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, मत्स्य पालन, सहकारिता के डिजिटलीकरण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में किए गए प्रभावी प्रयासों और उपलब्धियों को रेखांकित करता है। वर्ष 2023-24 में गेहूं का उत्पादन 6.12 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 2025-26 में 6.92 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है, जबकि खरीफ फसलों के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य से अधिक बोवनी दर्ज की गई और उड़द के रकबे में भी वृद्धि हुई।
जल संरक्षण के क्षेत्र में जिले ने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप 134 नए जल संग्रहण ढांचों का निर्माण शत-प्रतिशत पूरा किया है। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के प्रयासों के तहत 5,225 किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं, जबकि 1,983 किसान जैविक खेती से जुड़े हुए हैं। मत्स्य पालन के क्षेत्र में भी निर्धारित लक्ष्य से अधिक प्रगति दर्ज की गई है। सहकारिता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में जिले की सभी 64 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का कंप्यूटरीकरण पूरा किया जा चुका है।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, किसानों की आय में वृद्धि करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसरों को सशक्त बनाना है। इस राष्ट्रीय सम्मान से कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने, किसानों के हित में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के नए अवसर सृजित करने के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।