📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vyacheslav Argenberg
बिज़नेस
कर्नाटक के गृह खरीदारों को रेरा से मिली राहत, पूल, पार्क और जिम नहीं बने
✍️ Livemint
🗓 13 सित. 2026, 04:36 AM
👁 15
कर्नाटक रेरा ने उन गृह खरीदारों को राहत दी है, जिनके बिल्डर ने वादे के अनुसार पूल, पार्क और जिम नहीं बनवाए।
कर्नाटक रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने एक आवासीय परियोजना में खरीदारों की शिकायतों के बाद हस्तक्षेप किया, क्योंकि बिल्डर ने बिक्री के समय वादे किए गए प्रमुख सुविधाओं को पूरा नहीं किया था। इस प्राधिकरण ने प्रभावित गृह खरीदारों को राहत देने का आदेश जारी किया और बिल्डर को इस कमी को दूर करने का निर्देश दिया।
वादा किए गए पूल, लैंडस्केप्ड पार्क और जिम जैसी सुविधाएँ अभी तक निर्मित नहीं हुई हैं, जबकि इन्हें प्रोजेक्ट की मार्केटिंग ब्रोशर और बिक्री समझौतों में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था। खरीदारों ने पूरी राशि भुगतान करने के बाद भी इन सुविधाओं की अनुपस्थिति को लेकर सामूहिक कार्रवाई की और रेरे के शिकायत निवारण तंत्र का सहारा लिया।
रेरा की राहत में बिल्डर को निर्धारित समय सीमा के भीतर बकाया सुविधाओं को पूरा करने या खरीदारों को वित्तीय मुआवजा देने का निर्देश शामिल हो सकता है। नियामक ने कहा कि डेवलपर्स को अपने अनुबंधीय प्रतिबद्धताओं को निभाना चाहिए, अन्यथा रियल एस्टेट सेक्टर में उपभोक्ता विश्वास को नुकसान पहुँचता है।
यह निर्णय कर्नाटक में समान विवादों के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है, जिससे राज्य के रियल एस्टेट पर्यवेक्षक की भूमिका खरीदारों के हितों की रक्षा में और मजबूत होगी।
वादा किए गए पूल, लैंडस्केप्ड पार्क और जिम जैसी सुविधाएँ अभी तक निर्मित नहीं हुई हैं, जबकि इन्हें प्रोजेक्ट की मार्केटिंग ब्रोशर और बिक्री समझौतों में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था। खरीदारों ने पूरी राशि भुगतान करने के बाद भी इन सुविधाओं की अनुपस्थिति को लेकर सामूहिक कार्रवाई की और रेरे के शिकायत निवारण तंत्र का सहारा लिया।
रेरा की राहत में बिल्डर को निर्धारित समय सीमा के भीतर बकाया सुविधाओं को पूरा करने या खरीदारों को वित्तीय मुआवजा देने का निर्देश शामिल हो सकता है। नियामक ने कहा कि डेवलपर्स को अपने अनुबंधीय प्रतिबद्धताओं को निभाना चाहिए, अन्यथा रियल एस्टेट सेक्टर में उपभोक्ता विश्वास को नुकसान पहुँचता है।
यह निर्णय कर्नाटक में समान विवादों के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है, जिससे राज्य के रियल एस्टेट पर्यवेक्षक की भूमिका खरीदारों के हितों की रक्षा में और मजबूत होगी।