📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Muhammad Mahdi Karim/ Augustus Binu
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कर्नाटक उच्च न्यायालय ने पाया कि तीस‑तीस साल पहले दायर किया गया एक मामला वास्तव में एक मृत व्यक्ति द्वारा शुरू किया गया था
✍️ The Indian Express
🗓 09 सित. 2026, 06:40 AM
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कर्नाटक उच्च न्यायालय ने देखा कि 33 साल पहले दायर किया गया मामला एक मृत व्यक्ति द्वारा शुरू किया गया था। यह खोज अदालत द्वारा पुराने मामले के रिकॉर्ड की जांच के दौरान हुई।
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने पाया कि तीस‑तीस साल पहले दायर किया गया एक कानूनी मामला वास्तव में एक मृत व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत किया गया था।
अदालत के अनुसार, याचिकाकर्ता ने मामला दायर किए जाने से पहले ही अपनी मृत्यु को प्राप्त कर लिया था, यह तथ्य ponad तीन दशकों तक अज्ञात रहा।
यह खोज अदालत द्वारा पुराने मामले के रिकॉर्ड की जांच के दौरान हुई, जिससे उसे इस अनियमितता की ओर ध्यान दिया गया।
मामला अब अदालत के समक्ष है, जो इस खुलासे के आलोक में आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी।
अदालत के अनुसार, याचिकाकर्ता ने मामला दायर किए जाने से पहले ही अपनी मृत्यु को प्राप्त कर लिया था, यह तथ्य ponad तीन दशकों तक अज्ञात रहा।
यह खोज अदालत द्वारा पुराने मामले के रिकॉर्ड की जांच के दौरान हुई, जिससे उसे इस अनियमितता की ओर ध्यान दिया गया।
मामला अब अदालत के समक्ष है, जो इस खुलासे के आलोक में आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी।