📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Muhammad Mahdi Karim/ Augustus Binu
देश
कर्नाटक HC ने 14 साल से भूमि मालिकों को मुआवजा न देने पर नागरिक निकाय को फटकारा
✍️ The Times of India
🗓 21 जून 2026, 02:32 PM
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कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक नागरिक एजेंसी की उस कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई है, जिसने 14 साल पहले अधिग्रहित संपत्ति के लिए भूमि मालिकों को मुआवजा देने में विफल रही है। अदालत ने उचित मुआवजे में इस अत्यधिक देरी पर अपनी नाखुशी जाहिर की।
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक नागरिक एजेंसी द्वारा एक दशक से अधिक समय पहले अधिग्रहित संपत्ति के लिए भूमि मालिकों को मुआवजा देने में की गई अत्यधिक देरी पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत की यह टिप्पणी एक सुनवाई के दौरान आई, जिसमें पिछले 14 वर्षों से एजेंसी की निष्क्रियता पर प्रकाश डाला गया।
कार्यवाही के दौरान, पीठ ने प्रभावित भूमि मालिकों को उचित मुआवजा देने में हो रही अत्यधिक देरी को लेकर गंभीर असंतोष व्यक्त किया। अदालत ने सार्वजनिक निकायों द्वारा समय पर न्याय और कानूनी दायित्वों के पालन के महत्व पर जोर दिया।
न्यायिक हस्तक्षेप में भूमि अधिग्रहण मुआवजे में देरी के एक महत्वपूर्ण मुद्दे को उजागर किया गया है, जिसका असर उन नागरिकों पर पड़ रहा है जो एक बड़ी अवधि से अपने उचित भुगतान से वंचित हैं।
कार्यवाही के दौरान, पीठ ने प्रभावित भूमि मालिकों को उचित मुआवजा देने में हो रही अत्यधिक देरी को लेकर गंभीर असंतोष व्यक्त किया। अदालत ने सार्वजनिक निकायों द्वारा समय पर न्याय और कानूनी दायित्वों के पालन के महत्व पर जोर दिया।
न्यायिक हस्तक्षेप में भूमि अधिग्रहण मुआवजे में देरी के एक महत्वपूर्ण मुद्दे को उजागर किया गया है, जिसका असर उन नागरिकों पर पड़ रहा है जो एक बड़ी अवधि से अपने उचित भुगतान से वंचित हैं।