Local
पालीगंज : एसडीम चंदन कुमार ने जम्हारू-इमामगंज पंचायत में योजनाओं का किया औचक निरीक्षण, कमियों को दूर करने के दिए कड़े निर्देश
सरकारी संस्थानों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जांचने पहुंचे अनुमंडल पदाधिकारी, मौके पर ही दिए कई आवश्यक सुझाव
पटना जिले के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ/एसडीएम) चन्दन कुमार ने क्षेत्र में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और सरकारी संस्थानों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के लिए पालीगंज प्रखंड की जम्हारू-इमामगंज पंचायत का व्यापक क्षेत्र भ्रमण और औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों का भौतिक सत्यापन करते हुए अधिकारियों और कर्मियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए।
एसडीम ने पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों का निरीक्षण कर बच्चों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की गुणवत्ता और पठन-पठन के स्तर को देखा। इसके साथ ही स्वास्थ्य उपकेंद्र का जायजा लेकर दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सा कर्मियों की उपस्थिति पंजी की जांच की। उन्होंने अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने का निर्देश दिया ताकि ग्रामीणों को समय पर इलाज मिल सके।
ग्रामीणों को मिल रही बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा करते हुए एसडीएम ने 'हर घर नल-जल' योजना की वर्तमान स्थिति को देखा। उन्होंने पेय जल की आपूर्ति और बिजली सेवाओं की उपलब्धता की भी पड़ताल की। इसके अलावा, गांव में बने शौचालयों की स्थिति को देखते हुए स्वच्छता मानकों को बनाए रखने पर जोर दिया।
निरीक्षण के क्रम में सरकारी राशन (जन वितरण प्रणाली) की दुकान, वृद्ध व सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों को मिल रहे लाभ और राजस्व संबंधी कार्यों की गहन समीक्षा की गई। एसडीएम चन्दन कुमार ने संबंधित पंजियों (रजिस्टरों) और सरकारी अभिलेखों का मिलान किया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे और सही तरीके से लाभुकों तक पहुंच रहा है।
एसडीम ने जम्हारू-इमामगंज पंचायत भवन का भी दौरा किया। वहां आम जनता को मिलने वाली जरूरी सेवाओं जैसे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र जारी होने की प्रक्रिया और फाइलों की पेंडेंसी को देखा। उन्होंने आरटीपीएस काउंटर के संचालन को दुरुस्त रखने को कहा ताकि ग्रामीणों को बेवजह ब्लॉक के चक्कर न लगाने पड़ें।
पूरे निरीक्षण के दौरान जहां भी काम में लापरवाही या रिकॉर्ड में कमियां पाई गईं, एसडीएम चन्दन कुमार ने उन पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि पाई गई सभी कमियों का त्वरित निराकरण (तुरंत समाधान) सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की गुणवत्ता और आम जनता को मिलने वाले लाभ में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एसडीम ने पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों का निरीक्षण कर बच्चों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की गुणवत्ता और पठन-पठन के स्तर को देखा। इसके साथ ही स्वास्थ्य उपकेंद्र का जायजा लेकर दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सा कर्मियों की उपस्थिति पंजी की जांच की। उन्होंने अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने का निर्देश दिया ताकि ग्रामीणों को समय पर इलाज मिल सके।
ग्रामीणों को मिल रही बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा करते हुए एसडीएम ने 'हर घर नल-जल' योजना की वर्तमान स्थिति को देखा। उन्होंने पेय जल की आपूर्ति और बिजली सेवाओं की उपलब्धता की भी पड़ताल की। इसके अलावा, गांव में बने शौचालयों की स्थिति को देखते हुए स्वच्छता मानकों को बनाए रखने पर जोर दिया।
निरीक्षण के क्रम में सरकारी राशन (जन वितरण प्रणाली) की दुकान, वृद्ध व सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों को मिल रहे लाभ और राजस्व संबंधी कार्यों की गहन समीक्षा की गई। एसडीएम चन्दन कुमार ने संबंधित पंजियों (रजिस्टरों) और सरकारी अभिलेखों का मिलान किया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे और सही तरीके से लाभुकों तक पहुंच रहा है।
एसडीम ने जम्हारू-इमामगंज पंचायत भवन का भी दौरा किया। वहां आम जनता को मिलने वाली जरूरी सेवाओं जैसे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र जारी होने की प्रक्रिया और फाइलों की पेंडेंसी को देखा। उन्होंने आरटीपीएस काउंटर के संचालन को दुरुस्त रखने को कहा ताकि ग्रामीणों को बेवजह ब्लॉक के चक्कर न लगाने पड़ें।
पूरे निरीक्षण के दौरान जहां भी काम में लापरवाही या रिकॉर्ड में कमियां पाई गईं, एसडीएम चन्दन कुमार ने उन पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि पाई गई सभी कमियों का त्वरित निराकरण (तुरंत समाधान) सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की गुणवत्ता और आम जनता को मिलने वाले लाभ में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।