स्थानीय
केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बलिया में जयप्रकाश नारायण जयंती पर बैरिया-आरा फोरलेन के शीघ्र शिलान्यास का दिया आश्वासन
बलिया में जयप्रकाश नारायण की 125वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वर्चुअल रूप से भाग लेकर बैरिया-आरा फोरलेन परियोजना के शीघ्र शिलान्यास का आश्वासन दिया। उन्होंने परियोजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश और बिहार की कनेक्टिविटी में सुधार पर जोर दिया।
कार्यक्रम में पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने परियोजना को लेकर केंद्रीय मंत्री का आभार जताया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) की ओर से 27.062 किलोमीटर लंबे फोरलेन के निर्माण के लिए जुलाई में निविदा जारी की गई थी।
करीब 1564 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना बैरिया में राष्ट्रीय राजमार्ग-31 और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से निकलकर महुली-आरा मार्ग होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-922 से जुड़ेगी। इस मार्ग पर गंगा नदी के महुली घाट पर पक्के पुल का निर्माण भी प्रस्तावित है।
बैरिया से आरा की दूरी लगभग 30 किलोमीटर है, लेकिन बीच में गंगा नदी होने के कारण सड़क मार्ग से छपरा होते हुए आरा जाने में 200 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करनी पड़ती है। अब बैरिया-आरा फोरलेन इस दूरी को कम करने के साथ ही पूर्वांचल और बिहार के बीच विकास का नया रास्ता खोलेगा। बैरिया से पटना की दूरी भी लगभग 90 किलोमीटर हो जाएगी। इससे बलिया जिले की लगभग 32 लाख, आरा की करीब 28 लाख और बिहार के सिवान जिले की लगभग 33 लाख आबादी को लाभ मिलने की उम्मीद है।
फोरलेन के निर्माण से बलिया और बिहार के बीच व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। आवागमन सुगम होने से कृषि उत्पादों, खाद्यान्न, निर्माण सामग्री और अन्य व्यावसायिक वस्तुओं की ढुलाई आसान होगी। परिवहन में समय और ईंधन की बचत होने से व्यापारियों को लाभ मिलेगा। स्थानीय बाजारों का विस्तार होने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो सकते हैं।
करीब 1564 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना बैरिया में राष्ट्रीय राजमार्ग-31 और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से निकलकर महुली-आरा मार्ग होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-922 से जुड़ेगी। इस मार्ग पर गंगा नदी के महुली घाट पर पक्के पुल का निर्माण भी प्रस्तावित है।
बैरिया से आरा की दूरी लगभग 30 किलोमीटर है, लेकिन बीच में गंगा नदी होने के कारण सड़क मार्ग से छपरा होते हुए आरा जाने में 200 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करनी पड़ती है। अब बैरिया-आरा फोरलेन इस दूरी को कम करने के साथ ही पूर्वांचल और बिहार के बीच विकास का नया रास्ता खोलेगा। बैरिया से पटना की दूरी भी लगभग 90 किलोमीटर हो जाएगी। इससे बलिया जिले की लगभग 32 लाख, आरा की करीब 28 लाख और बिहार के सिवान जिले की लगभग 33 लाख आबादी को लाभ मिलने की उम्मीद है।
फोरलेन के निर्माण से बलिया और बिहार के बीच व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। आवागमन सुगम होने से कृषि उत्पादों, खाद्यान्न, निर्माण सामग्री और अन्य व्यावसायिक वस्तुओं की ढुलाई आसान होगी। परिवहन में समय और ईंधन की बचत होने से व्यापारियों को लाभ मिलेगा। स्थानीय बाजारों का विस्तार होने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो सकते हैं।