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राजनीति
न्यायमूर्ति भुयान ने सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम की पारदर्शिता पर सवाल उठाया
✍️ TOI India
🗓 02 अग. 2026, 06:37 AM
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न्यायमूर्ति उजल भुयान ने सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम की निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी पर चिंता जताई, यह बताते हुए कि हालिया निर्णयों में नियुक्तियों और स्थानान्तरण के कारण नहीं बताए गए।
न्यायमूर्ति उजल भुयान, सुप्रीम कोर्ट के एक कार्यरत न्यायमूर्ति, ने कॉलेजियम की नियुक्ति और स्थानान्तरण प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाया। उन्होंने बताया कि कॉलेजियम द्वारा जारी कई निर्णयों में निर्णय के पीछे के कारणों का उल्लेख नहीं किया गया, जिससे उम्मीदवारों की उपयुक्तता का आकलन करना कठिन हो जाता है।
भुयान ने चेतावनी दी कि ऐसी अस्पष्टता से अयोग्य व्यक्तियों को न्यायपालिका में प्रवेश करने का अवसर मिल सकता है, जिससे कानूनी प्रणाली में सार्वजनिक विश्वास कम हो सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों को न्यायिक उन्नति और स्थानान्तरण के निर्णयों के पीछे की चर्चा के बारे में जानने का अधिकार है।
इन चिंताओं को जालदी के एक रिपोर्ट में भी दोहराया गया है, जिसमें भारत के उच्च न्यायालयों में पारदर्शिता के स्तरों में अंतर पर प्रकाश डाला गया है। रिपोर्ट के अनुसार, कॉलेजियम की चर्चा के स्पष्ट प्रकटीकरण से जवाबदेही और न्यायपालिका में सार्वजनिक विश्वास को बढ़ावा मिल सकता है।
भुयान ने चेतावनी दी कि ऐसी अस्पष्टता से अयोग्य व्यक्तियों को न्यायपालिका में प्रवेश करने का अवसर मिल सकता है, जिससे कानूनी प्रणाली में सार्वजनिक विश्वास कम हो सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों को न्यायिक उन्नति और स्थानान्तरण के निर्णयों के पीछे की चर्चा के बारे में जानने का अधिकार है।
इन चिंताओं को जालदी के एक रिपोर्ट में भी दोहराया गया है, जिसमें भारत के उच्च न्यायालयों में पारदर्शिता के स्तरों में अंतर पर प्रकाश डाला गया है। रिपोर्ट के अनुसार, कॉलेजियम की चर्चा के स्पष्ट प्रकटीकरण से जवाबदेही और न्यायपालिका में सार्वजनिक विश्वास को बढ़ावा मिल सकता है।