📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rembrandt
शिक्षा
जोधपुर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग की शिकायत, छात्रों ने एनएमसी को ईमेल भेजा
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 01 नव. 2026, 09:15 AM
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जोधपुर के डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर एमबीबीएस छात्रों ने सीनियर विद्यार्थियों द्वारा मानसिक उत्पीड़न और अभद्र व्यवहार के आरोपों के साथ राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग को शिकायत भेजी।
जोधपुर स्थित डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस बैच‑2026 के जूनियर छात्रों ने सीनियर सहपाठियों द्वारा रैगिंग की गंभीर शिकायत की है। छात्रों का कहना है कि सीनियर्स ने उन्हें मानसिक उत्पीड़न किया और अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिससे शैक्षणिक माहौल बिगड़ गया।
इन छात्रों ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) को एक संयुक्त ई‑मेल भेजा, जिसमें घटनाओं का विस्तृत विवरण और जांच की मांग की गई। यह ई‑मेल साझा खाते से भेजा गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कदम समूह में उठाया गया है।
अब तक कॉलेज प्रशासन या सीनियर छात्रों की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दर्ज नहीं हुई है। एनएमसी, जो भारत में मेडिकल शिक्षा के मानकों की देखरेख करता है, आम तौर पर ऐसी शिकायतों पर जांच शुरू करता है और संस्थान को अपने एंटी‑रैगिंग नियमों के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश देता है।
देश भर में मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग की समस्या लगातार सामने आती रही है, जिससे राज्य स्तर और एनएमसी दोनों ने एंटी‑रैगिंग नीतियों को कड़ा किया है। राजस्थान के शैक्षणिक संस्थानों में भी इस प्रकार की घटनाओं की निगरानी बढ़ी है।
इन छात्रों ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) को एक संयुक्त ई‑मेल भेजा, जिसमें घटनाओं का विस्तृत विवरण और जांच की मांग की गई। यह ई‑मेल साझा खाते से भेजा गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कदम समूह में उठाया गया है।
अब तक कॉलेज प्रशासन या सीनियर छात्रों की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दर्ज नहीं हुई है। एनएमसी, जो भारत में मेडिकल शिक्षा के मानकों की देखरेख करता है, आम तौर पर ऐसी शिकायतों पर जांच शुरू करता है और संस्थान को अपने एंटी‑रैगिंग नियमों के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश देता है।
देश भर में मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग की समस्या लगातार सामने आती रही है, जिससे राज्य स्तर और एनएमसी दोनों ने एंटी‑रैगिंग नीतियों को कड़ा किया है। राजस्थान के शैक्षणिक संस्थानों में भी इस प्रकार की घटनाओं की निगरानी बढ़ी है।