📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
नौकरी
जम्मू-कश्मीर सरकार ने कारीगरों व बुनकरों के वेतन संरचना सुधार के लिए समिति गठित की
✍️ Kashmir Life
🗓 02 सित. 2026, 12:36 PM
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जम्मू-कश्मीर सरकार ने कारीगरों और बुनकरों के वेतन ढांचे की समीक्षा हेतु एक समिति का गठन किया, जिससे उनकी आय को मौजूदा बाजार स्थितियों के अनुरूप सुधारा जा सके।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने पारम्परिक कारीगरों और बुनकरों के वेतन मानकों की पुनः समीक्षा करने के लिए एक उच्च‑स्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति मौजूदा वेतन ढांचे का मूल्यांकन करेगी, उसे वर्तमान बाजार दरों से तुलना करेगी और जीवनयापन लागत व उत्पादन क्षमता को ध्यान में रखते हुए नई संरचना का प्रस्ताव देगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, कारीगर संघों द्वारा लगातार उठाए गए यह मुद्दे कि मौजूदा वेतन महंगाई और कच्चे माल की कीमतों के साथ नहीं चल पा रहे हैं, इस कदम का मुख्य कारण है। समिति में हथकरघा विभाग के अधिकारी, वरिष्ठ अर्थशास्त्री और कारीगर संघों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
तीन महीने के भीतर समीक्षा पूरी कर, संशोधित वेतन दिशानिर्देश राज्य मंत्रिमंडल को प्रस्तुत किए जाएंगे। इस नई व्यवस्था से हजारों कारीगरों की आय में सुधार की उम्मीद है, जो जम्मू‑कश्मीर की सांस्कृतिक एवं आर्थिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा हैं।
यदि लागू हुआ, तो संशोधित वेतन कश्मीरी हस्तशिल्प को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में अधिक प्रतिस्पर्धी बना सकते हैं, जिससे निवेश और पर्यटन दोनों में वृद्धि हो सकती है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, कारीगर संघों द्वारा लगातार उठाए गए यह मुद्दे कि मौजूदा वेतन महंगाई और कच्चे माल की कीमतों के साथ नहीं चल पा रहे हैं, इस कदम का मुख्य कारण है। समिति में हथकरघा विभाग के अधिकारी, वरिष्ठ अर्थशास्त्री और कारीगर संघों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
तीन महीने के भीतर समीक्षा पूरी कर, संशोधित वेतन दिशानिर्देश राज्य मंत्रिमंडल को प्रस्तुत किए जाएंगे। इस नई व्यवस्था से हजारों कारीगरों की आय में सुधार की उम्मीद है, जो जम्मू‑कश्मीर की सांस्कृतिक एवं आर्थिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा हैं।
यदि लागू हुआ, तो संशोधित वेतन कश्मीरी हस्तशिल्प को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में अधिक प्रतिस्पर्धी बना सकते हैं, जिससे निवेश और पर्यटन दोनों में वृद्धि हो सकती है।