📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
अपराध
झारखंड SIR में 22.84 लाख मामलों का बैकलॉग, आधे से अधिक “नो मैपिंग” रिकॉर्ड अभी भी अप्रमाणित
✍️ tennews.in
🗓 04 नव. 2026, 08:33 PM
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झारखंड के स्टेट इन्फॉर्मेशन रजिस्टर ने 22.84 लाख लंबित मामलों का बैकलॉग बताया, जबकि “नो मैपिंग” रिकॉर्ड का आधे से अधिक हिस्सा अभी भी सत्यापित नहीं हुआ है।
झारखंड के स्टेट इन्फॉर्मेशन रजिस्टर (SIR) ने बताया है कि 22.84 लाख मामलों का बैकलॉग अभी भी बना हुआ है, जिससे प्रशासनिक कार्यभार में भारी वृद्धि का संकेत मिलता है। विभाग द्वारा जारी आंकड़े दर्शाते हैं कि रजिस्टर को निपटाने के लिए कई अनसुलझे मामले बचे हैं।
केस बैकलॉग के साथ-साथ, SIR ने यह भी उजागर किया कि “नो मैपिंग” के रूप में वर्गीकृत आधे से अधिक रिकॉर्ड अभी तक सत्यापित नहीं हुए हैं। इन प्रविष्टियों को अन्य डेटाबेस के साथ मिलान कर उनकी स्थिति की पुष्टि करनी होती है, और इस देरी से रिकॉर्ड‑कीपिंग की सटीकता प्रभावित होती है।
अधिकारी इस जमावड़े को सीमित स्टाफ, प्रक्रियात्मक अड़चनों और हाल के महीनों में फाइलिंग में वृद्धि के संयोजन के कारण मानते हैं। उन्होंने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया को तेज़ करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, परंतु कोई स्पष्ट समय‑सीमा नहीं दी गई।
बैकलॉग की मात्रा राज्य में सार्वजनिक सेवाओं की दक्षता को लेकर चिंताएँ बढ़ा रही है, जिससे नागरिक संगठनों ने पारदर्शिता और मामलों के शीघ्र निपटारे की माँग की है।
विभाग ने कार्यप्रवाह की समीक्षा करने और अतिरिक्त संसाधन आवंटित करने की योजना बनाई है, ताकि बैकलॉग को कम किया जा सके और SIR के डेटा की विश्वसनीयता को नागरिकों और सरकारी एजेंसियों के लिए बेहतर बनाया जा सके।
केस बैकलॉग के साथ-साथ, SIR ने यह भी उजागर किया कि “नो मैपिंग” के रूप में वर्गीकृत आधे से अधिक रिकॉर्ड अभी तक सत्यापित नहीं हुए हैं। इन प्रविष्टियों को अन्य डेटाबेस के साथ मिलान कर उनकी स्थिति की पुष्टि करनी होती है, और इस देरी से रिकॉर्ड‑कीपिंग की सटीकता प्रभावित होती है।
अधिकारी इस जमावड़े को सीमित स्टाफ, प्रक्रियात्मक अड़चनों और हाल के महीनों में फाइलिंग में वृद्धि के संयोजन के कारण मानते हैं। उन्होंने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया को तेज़ करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, परंतु कोई स्पष्ट समय‑सीमा नहीं दी गई।
बैकलॉग की मात्रा राज्य में सार्वजनिक सेवाओं की दक्षता को लेकर चिंताएँ बढ़ा रही है, जिससे नागरिक संगठनों ने पारदर्शिता और मामलों के शीघ्र निपटारे की माँग की है।
विभाग ने कार्यप्रवाह की समीक्षा करने और अतिरिक्त संसाधन आवंटित करने की योजना बनाई है, ताकि बैकलॉग को कम किया जा सके और SIR के डेटा की विश्वसनीयता को नागरिकों और सरकारी एजेंसियों के लिए बेहतर बनाया जा सके।