📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / wittVikki from ranchi, India
अपराध
झारखंड भर्ती घोटाला: प्रमुख आरोपी ने CDPO सीटों को 10 लाख में बेचा बताया
✍️ Telangana Today
🗓 27 अग. 2026, 02:36 AM
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झारखंड भर्ती घोटाले के एक प्रमुख आरोपी ने कहा है कि CDPO पदों को 10 लाख रुपये में बेचा गया, यह बात तेलंगाना टुडे ने रिपोर्ट की।
झारखंड भर्ती घोटाले के एक वरिष्ठ आरोपी ने कहा है कि मुख्य जिला पंचायत अधिकारी (CDPO) पदों को अवैध रूप से बेचा गया, प्रत्येक सीट की कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई गई है। यह जानकारी तेलंगाना टुडे ने रिपोर्ट की, जिसमें आरोपी को इस घोटाले के मुख्य व्यक्ति के रूप में बताया गया है।
यह आरोप राज्य में CDPO नियुक्तियों की चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं की जांच को और गहरा करता है। प्रवर्तन एजेंसियां वित्तीय लेन‑देनों और मध्यस्थों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं, जो इस प्रकार के लेन‑देन को संभव बना सकते हैं।
अधिकारियों ने अभी तक इस आरोप के समर्थन में कोई साक्ष्य या अन्य जुड़े व्यक्तियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। मामला सक्रिय रूप से जांच के दायरे में है, और यदि कोई दोष सिद्ध हुआ तो संबंधित भ्रष्टाचार कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
झारखंड सरकार को पहले भी भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा है, और यह नवीनतम आरोप सार्वजनिक सेवाओं में पारदर्शी और योग्यता‑आधारित नियुक्तियों की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
इस विकास के बाद भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं में कड़ी निगरानी की उम्मीद है, हालांकि अभी तक कोई ठोस नीति प्रतिक्रिया घोषित नहीं की गई है।
यह आरोप राज्य में CDPO नियुक्तियों की चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं की जांच को और गहरा करता है। प्रवर्तन एजेंसियां वित्तीय लेन‑देनों और मध्यस्थों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं, जो इस प्रकार के लेन‑देन को संभव बना सकते हैं।
अधिकारियों ने अभी तक इस आरोप के समर्थन में कोई साक्ष्य या अन्य जुड़े व्यक्तियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। मामला सक्रिय रूप से जांच के दायरे में है, और यदि कोई दोष सिद्ध हुआ तो संबंधित भ्रष्टाचार कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
झारखंड सरकार को पहले भी भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा है, और यह नवीनतम आरोप सार्वजनिक सेवाओं में पारदर्शी और योग्यता‑आधारित नियुक्तियों की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
इस विकास के बाद भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं में कड़ी निगरानी की उम्मीद है, हालांकि अभी तक कोई ठोस नीति प्रतिक्रिया घोषित नहीं की गई है।