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अपराध
झारखंड उच्च न्यायालय ने अवैध दुकान विध्वंस के मुआवजे पर राज्य की अपील खारिज की
✍️ Live Law
🗓 04 अग. 2026, 09:42 PM
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झारखंड उच्च न्यायालय ने अवैध दुकानों के विध्वंस के मुआवजे पर राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी, पहले के निर्णय को बरकरार रखा।
झारखंड उच्च न्यायालय ने मंगलवार को राज्य सरकार द्वारा दायर अवैध दुकानों के विध्वंस के मुआवजे को कम करने की अपील को खारिज कर दिया।
सरकार का तर्क था कि मुआवजा राशि अधिक है और दुकानों का सार्वजनिक हित में योगदान नहीं है। न्यायालय ने पाया कि विध्वंस कानून के तहत वैध था और मुआवजा उचित था।
न्यायालय के निर्णय में यह स्पष्ट किया गया कि दुकानों को बिना अनुमति के बनाया गया था और वे वर्षों से अवैध रूप से चल रही थीं, जिससे सुरक्षा और नियामक समस्याएँ उत्पन्न हुई थीं। इसी तरह के मामलों के आधार पर मुआवजा भी समान माना गया।
इस फैसले के अनुसार, राज्य को मूल रूप से तय की गई पूरी राशि का भुगतान करना होगा, और यह निर्णय अवैध वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों पर नियामक प्रवर्तन को मजबूत करता है।
सरकार का तर्क था कि मुआवजा राशि अधिक है और दुकानों का सार्वजनिक हित में योगदान नहीं है। न्यायालय ने पाया कि विध्वंस कानून के तहत वैध था और मुआवजा उचित था।
न्यायालय के निर्णय में यह स्पष्ट किया गया कि दुकानों को बिना अनुमति के बनाया गया था और वे वर्षों से अवैध रूप से चल रही थीं, जिससे सुरक्षा और नियामक समस्याएँ उत्पन्न हुई थीं। इसी तरह के मामलों के आधार पर मुआवजा भी समान माना गया।
इस फैसले के अनुसार, राज्य को मूल रूप से तय की गई पूरी राशि का भुगतान करना होगा, और यह निर्णय अवैध वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों पर नियामक प्रवर्तन को मजबूत करता है।