📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Flashthomsom
शिक्षा
झारखंड हाई कोर्ट ने परीक्षा रद्दी को रोका, छात्रों ने कहा धोखा
✍️ The Times of India
🗓 21 अग. 2026, 05:33 AM
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झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के परीक्षा रद्दी आदेश को रोका, जिससे छात्रों में धोखे का एहसास और गुस्सा उत्पन्न हुआ।
झारखंड हाई कोर्ट ने बुधवार को राज्य सरकार के कक्षा X और XII की निर्धारित परीक्षाओं को रद्द करने के आदेश को रोकने का अंतरिम आदेश जारी किया। यह निर्णय छात्रों के समूह द्वारा दायर याचिका के बाद आया, जिसमें प्रक्रियात्मक त्रुटियों और पूर्व परामर्श की कमी का आरोप लगाया गया था।
राज्य भर के छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि पूर्व रद्दी नोटिस उनके कई महीनों की तैयारी के बाद धोखा था। कई छात्र सोशल मीडिया और स्थानीय सभाओं में अपनी आवाज़ उठाते हुए, शैक्षणिक कैलेंडर को न्यायसंगत बनाने के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त कर रहे हैं।
शिक्षा विभाग ने कहा कि वे अदालत के निर्देशों का पालन करेंगे और परीक्षाओं को फिर से शुरू करेंगे, साथ ही याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों की समीक्षा करेंगे। अंतिम सुनवाई अभी लंबित है, और अधिकारियों ने अगले सप्ताह के भीतर विस्तृत समय‑सारणी जारी करने का आश्वासन दिया है।
यह घटना राज्य की शैक्षणिक नीतियों पर पुनः चर्चा को जन्म दे रही है, जहाँ विशेषज्ञ स्पष्ट संवाद की आवश्यकता पर बल दे रहे हैं ताकि भविष्य में इसी तरह की असंतोषजनक स्थितियों से बचा जा सके।
राज्य भर के छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि पूर्व रद्दी नोटिस उनके कई महीनों की तैयारी के बाद धोखा था। कई छात्र सोशल मीडिया और स्थानीय सभाओं में अपनी आवाज़ उठाते हुए, शैक्षणिक कैलेंडर को न्यायसंगत बनाने के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त कर रहे हैं।
शिक्षा विभाग ने कहा कि वे अदालत के निर्देशों का पालन करेंगे और परीक्षाओं को फिर से शुरू करेंगे, साथ ही याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों की समीक्षा करेंगे। अंतिम सुनवाई अभी लंबित है, और अधिकारियों ने अगले सप्ताह के भीतर विस्तृत समय‑सारणी जारी करने का आश्वासन दिया है।
यह घटना राज्य की शैक्षणिक नीतियों पर पुनः चर्चा को जन्म दे रही है, जहाँ विशेषज्ञ स्पष्ट संवाद की आवश्यकता पर बल दे रहे हैं ताकि भविष्य में इसी तरह की असंतोषजनक स्थितियों से बचा जा सके।