📷 चित्र स्रोत: Scconline (via NewsData)
देश
झारखंड HC: वकीलों के ₹6,000 स्वास्थ्य बीमा का राज्य का वादा बाध्यकारी
✍️ Scconline
🗓 18 जून 2026, 11:18 AM
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झारखंड उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि वकीलों के लिए ₹6,000 वार्षिक स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम प्रदान करने की राज्य की प्रतिबद्धता, आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की परवाह किए बिना, बाध्यकारी है।
झारखंड उच्च न्यायालय ने इस बात की पुष्टि की है कि राज्य सरकार द्वारा प्रैक्टिस करने वाले वकीलों के लिए ₹6,000 का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम प्रदान करने का उपक्रम कानूनी रूप से बाध्यकारी है। अदालत ने यह टिप्पणी अधिवक्ताओं के लिए कल्याणकारी उपायों से संबंधित एक याचिका की सुनवाई के दौरान की।
कार्यवाही के दौरान, अदालत ने इस बात पर ध्यान दिया कि इस स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए आवश्यक राज्य के प्रस्ताव और बजटीय आवंटन पहले से ही स्थापित थे। इसलिए, अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि इन मौजूदा उपायों के माध्यम से याचिकाकर्ताओं द्वारा मांगे गए उद्देश्यों को काफी हद तक पूरा किया गया है।
अत्यंत महत्वपूर्ण बात यह है कि उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि संबंधित प्रस्ताव का आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन न होना इसके कार्यान्वयन में बाधा नहीं डालता है। अदालत का रुख अधिवक्ता कल्याण के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता की प्रवर्तनीयता पर जोर देता है।
कार्यवाही के दौरान, अदालत ने इस बात पर ध्यान दिया कि इस स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए आवश्यक राज्य के प्रस्ताव और बजटीय आवंटन पहले से ही स्थापित थे। इसलिए, अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि इन मौजूदा उपायों के माध्यम से याचिकाकर्ताओं द्वारा मांगे गए उद्देश्यों को काफी हद तक पूरा किया गया है।
अत्यंत महत्वपूर्ण बात यह है कि उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि संबंधित प्रस्ताव का आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन न होना इसके कार्यान्वयन में बाधा नहीं डालता है। अदालत का रुख अधिवक्ता कल्याण के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता की प्रवर्तनीयता पर जोर देता है।