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झारखंड उच्च न्यायालय ने तलाक की अर्जी खारिज की
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Flashthomsom
देश

झारखंड उच्च न्यायालय ने तलाक की अर्जी खारिज की

✍️ The Indian Express 🗓 26 जुल. 2026, 03:32 AM 👁 38
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झारखंड उच्च न्यायालय ने 39 वर्षों के बाद तलाक की अर्जी खारिज कर दी, 'व्यभिचार के संदेह' का हवाला देते हुए। न्यायालय के इस फैसले ने कानूनी हलकों में चर्चा छेड़ दी है।

एक महत्वपूर्ण निर्णय में, झारखंड उच्च न्यायालय ने 39 वर्षों के बाद एक दंपति द्वारा दायर तलाक की अर्जी खारिज कर दी। न्यायालय का निर्णय 'व्यभिचार के संदेह' के आधार पर था, जिसे तलाक के लिए कारण बताया गया था। यह फैसला कानूनी विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बन गया है, जो इस निर्णय के परिणामों का विश्लेषण कर रहे हैं। दंपति ने तलाक की मांग को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन न्यायालय ने उक्त कारण का हवाला देते हुए तलाक देने से इनकार कर दिया। यह निर्णय परिवार कानून की जटिलताओं को उजागर करता है, जहां न्यायालय को अक्सर नाजुक स्थितियों से निपटना पड़ता है।
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