📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
झारखंड के वित्त मंत्री ने केंद्र से मांग की, खनन उत्पादों पर राज्य को सेस लगाने का अधिकार बहाल करे
✍️ The Times of India
🗓 20 सित. 2026, 05:31 AM
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झारखंड के वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर खनन उत्पादों पर राज्य को सेस लगाने का अधिकार बहाल करने की मांग की, यह राज्य की आय के लिए आवश्यक बताया।
झारखंड के वित्त मंत्री ने केंद्र को एक औपचारिक पत्र भेजकर खनन उत्पादों पर राज्य को सेस लगाने का अधिकार बहाल करने की मांग की। मंत्री ने बताया कि यह सेस राज्य की आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, जिससे खनन रॉयल्टी पर निर्भर विकास कार्यों को वित्तीय सहायता मिलती है।
यह अनुरोध केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों पर चल रही बहस के बीच आया है। झारखंड के अधिकारियों का कहना है कि सेस पर रोक ने राज्य के बजट में कमी कर दी है, जिससे बुनियादी ढाँचा और सामाजिक योजनाओं के लिए फंडिंग प्रभावित हुई है।
पहले केंद्र सरकार ने राज्यों को खनिज निकासी पर मामूली सेस लगाने की अनुमति दी थी, लेकिन हालिया नीति परिवर्तन ने इस अधिकार को सीमित कर दिया। झारखंड के मंत्री ने कहा कि सेस को फिर से लागू करने से सहयोगी संघवाद के सिद्धांतों के अनुरूप होगा और खनन लाभ का उचित हिस्सा राज्य को मिलेगा।
वित्त मंत्रालय से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी निर्णय में राजस्व आवश्यकताओं और राष्ट्रीय खनन नीति के बीच संतुलन बनाना आवश्यक होगा।
यह अनुरोध केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों पर चल रही बहस के बीच आया है। झारखंड के अधिकारियों का कहना है कि सेस पर रोक ने राज्य के बजट में कमी कर दी है, जिससे बुनियादी ढाँचा और सामाजिक योजनाओं के लिए फंडिंग प्रभावित हुई है।
पहले केंद्र सरकार ने राज्यों को खनिज निकासी पर मामूली सेस लगाने की अनुमति दी थी, लेकिन हालिया नीति परिवर्तन ने इस अधिकार को सीमित कर दिया। झारखंड के मंत्री ने कहा कि सेस को फिर से लागू करने से सहयोगी संघवाद के सिद्धांतों के अनुरूप होगा और खनन लाभ का उचित हिस्सा राज्य को मिलेगा।
वित्त मंत्रालय से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी निर्णय में राजस्व आवश्यकताओं और राष्ट्रीय खनन नीति के बीच संतुलन बनाना आवश्यक होगा।