📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prashulut
अपराध
झारखंड CID ने भर्ती परीक्षा में सॉफ़्टवेयर छेड़छाड़ और उत्तर पत्रिका बदलने के घोटाले को उजागर किया
✍️ orissapost.com
🗓 31 अग. 2026, 11:04 PM
👁 4
झारखंड की क्राइम इन्फ़ॉर्मेशन डिपार्टमेंट ने भर्ती परीक्षा के सॉफ़्टवेयर में छेड़छाड़ और उत्तर पत्रिकाओं को बदलने के घोटाले को उजागर किया।
झारखंड की क्राइम इन्फ़ॉर्मेशन डिपार्टमेंट (CID) ने राज्य की भर्ती परीक्षाओं को लक्षित करने वाले एक जटिल घोटाले को उजागर किया है। विभाग के बयानों के अनुसार, जांच में यह पता चला कि प्रश्नपत्र और उत्तर पत्रिकाओं के मूल्यांकन के लिए उपयोग किए जाने वाले सॉफ़्टवेयर में जानबूझकर बदलाव किए गए थे।
फ़ॉरेंसिक जांच से यह स्पष्ट हुआ कि बदले हुए सॉफ़्टवेयर से सही उत्तरों को बदलकर और कुछ चुने हुए उम्मीदवारों के अंक बढ़ा कर परिणाम तैयार किए जा रहे थे। साथ ही, परीक्षा समाप्त होने के बाद शारीरिक उत्तर पत्रिकाओं को फिर से लिखने की एक अलग इकाई भी सक्रिय थी, जिससे डिजिटल रिकॉर्ड के साथ मिलान सुनिश्चित हो सके।
प्राधिकरणों ने कहा कि यह योजना मेरिट‑आधारित चयन प्रक्रिया को कमजोर करती है और विभिन्न सरकारी पदों के लिए आए हजारों अभ्यर्थियों को प्रभावित कर सकती है। CID ने कई व्यक्तियों के खिलाफ मामले दर्ज कर कंप्यूटर, स्टोरेज डिवाइस और संबंधित दस्तावेज़ों को जब्त करने के लिए छापेमारी की है।
विभाग ने चेतावनी दी है कि इस घोटाले में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और संबंधित भ्रष्टाचार विरोधी कानूनों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच जारी है और अधिक साक्ष्य मिलने पर अतिरिक्त जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
फ़ॉरेंसिक जांच से यह स्पष्ट हुआ कि बदले हुए सॉफ़्टवेयर से सही उत्तरों को बदलकर और कुछ चुने हुए उम्मीदवारों के अंक बढ़ा कर परिणाम तैयार किए जा रहे थे। साथ ही, परीक्षा समाप्त होने के बाद शारीरिक उत्तर पत्रिकाओं को फिर से लिखने की एक अलग इकाई भी सक्रिय थी, जिससे डिजिटल रिकॉर्ड के साथ मिलान सुनिश्चित हो सके।
प्राधिकरणों ने कहा कि यह योजना मेरिट‑आधारित चयन प्रक्रिया को कमजोर करती है और विभिन्न सरकारी पदों के लिए आए हजारों अभ्यर्थियों को प्रभावित कर सकती है। CID ने कई व्यक्तियों के खिलाफ मामले दर्ज कर कंप्यूटर, स्टोरेज डिवाइस और संबंधित दस्तावेज़ों को जब्त करने के लिए छापेमारी की है।
विभाग ने चेतावनी दी है कि इस घोटाले में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और संबंधित भ्रष्टाचार विरोधी कानूनों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच जारी है और अधिक साक्ष्य मिलने पर अतिरिक्त जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।