स्थानीय
झारखंड भाजपा कार्यसमिति में मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन पर प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित
रांची में आयोजित दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को समर्पित राजनीतिक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने राज्य सरकार पर विकास की गति प्रभावित करने का आरोप लगाया।
रांची में 24 अक्टूबर 2026 को आयोजित झारखंड भाजपा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को समर्पित एक राजनीतिक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ। इस प्रस्ताव का शीर्षक ‘विश्व पटल पर उभरता भारत : सेवा एवं नेतृत्व के 25 वर्ष’ था, जिसमें केंद्र सरकार की योजनाओं, जनजातीय गौरव और झारखंड में विकास कार्यों की सराहना की गई।
प्रस्ताव में 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक के मोदी के सफर को सेवा और राष्ट्रनिर्माण की यात्रा के रूप में वर्णित किया गया। इसमें विकसित भारत-2047, महिला सशक्तिकरण, गरीब कल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विस्तार का उल्लेख किया गया, साथ ही आयुष्मान भारत, देवघर एमएस, देवघर हवाई अड्डा, सिंदरी उर्वरक कारखाने के पुनरुद्धार तथा सड़क और रेल नेटवर्क के विस्तार जैसी योजनाओं को झारखंड के विकास के उदाहरण के रूप में उजागर किया गया।
दूसरे सत्र में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने राज्य सरकार पर विकास की गति प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए एक प्रस्ताव पेश किया। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और जमशेदपुर के सांसद विद्युतवरण महतो ने इस प्रस्ताव का अनुमोदन किया, जिसके बाद कार्यसमिति के सदस्यों ने इसे सर्वसम्मति से पारित किया।
बैठक के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण के लिए ट्रिपल टेस्ट कराने की मांग उठाई, और राज्य सरकार से पिछड़ा वर्ग आयोग को तत्काल निर्देश देने का आग्रह किया।
प्रस्ताव में 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक के मोदी के सफर को सेवा और राष्ट्रनिर्माण की यात्रा के रूप में वर्णित किया गया। इसमें विकसित भारत-2047, महिला सशक्तिकरण, गरीब कल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विस्तार का उल्लेख किया गया, साथ ही आयुष्मान भारत, देवघर एमएस, देवघर हवाई अड्डा, सिंदरी उर्वरक कारखाने के पुनरुद्धार तथा सड़क और रेल नेटवर्क के विस्तार जैसी योजनाओं को झारखंड के विकास के उदाहरण के रूप में उजागर किया गया।
दूसरे सत्र में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने राज्य सरकार पर विकास की गति प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए एक प्रस्ताव पेश किया। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और जमशेदपुर के सांसद विद्युतवरण महतो ने इस प्रस्ताव का अनुमोदन किया, जिसके बाद कार्यसमिति के सदस्यों ने इसे सर्वसम्मति से पारित किया।
बैठक के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण के लिए ट्रिपल टेस्ट कराने की मांग उठाई, और राज्य सरकार से पिछड़ा वर्ग आयोग को तत्काल निर्देश देने का आग्रह किया।