📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Information and public relations department Govern
राजनीति
जदयू के चिकित्सा प्रकोष्ठ ने बिहार के 163 पदाधिकारी घोषित किए
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 20 सित. 2026, 01:31 PM
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जदयू के चिकित्सा प्रकोष्ठ ने 163 नए पदाधिकारियों की सूची जारी की, जिसमें 24 उपाध्यक्ष, 41 महासचिव, मुख्यालय महासचिव और 54 सचिव शामिल हैं, जिससे जिला‑नगर स्तर पर संगठन का विस्तार होगा।
पटना – जनतादल (यूनाइटेड) के चिकित्सा प्रकोष्ठ ने राज्य भर में 163 नए पदाधिकारियों की नियुक्ति कर संगठन का विस्तार किया है। इस सूची में 24 जिला‑नगर उपाध्यक्ष, 41 महासचिव, एक मुख्यालय महासचिव तथा 54 सचिव शामिल हैं, जिससे स्वास्थ्य‑संबंधी कार्यों को सुदृढ़ किया जाएगा।
नए टीम के सदस्य जिला और नगरपालिका स्तर पर स्वास्थ्य पहलों का समन्वय, स्थानीय स्वास्थ्य प्राधिकरणों से संपर्क और पार्टी कार्यकर्ताओं को संगठित करने का काम करेंगे। उपाध्यक्षों और सचिवों को प्रमुख पदों पर रखकर जदयू का लक्ष्य स्वास्थ्य मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाना है, जो मतदाताओं के बीच महत्वपूर्ण है।
पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेताओं के साथ परामर्श के बाद यह निर्णय लिया गया, और इसे आगामी चुनावों से पहले स्वास्थ्य नीति को पार्टी के एजेंडे में शामिल करने की व्यापक रणनीति के हिस्से के रूप में बताया गया। चिकित्सा प्रकोष्ठ की विस्तारित टीम पूरे बिहार में स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता अभियानों और महामारी तैयारी जैसे कार्यों का आयोजन करेगी।
यह कदम जदयू की स्वास्थ्य सेवाओं को राजनीतिक मंच बनाकर जनता की प्राथमिकताओं, जैसे बुनियादी देखभाल तक पहुंच और महामारी प्रबंधन, को संबोधित करने की इच्छा को दर्शाता है। नियुक्तियों की घोषणा पटना में हुई, जहाँ राज्य अध्यक्ष ने इस प्रक्रिया की देखरेख की।
स्थानीय डॉक्टरों और सामुदायिक समूहों ने इस पहल का स्वागत किया, इसे राजनीतिक ढांचे में अधिक संगठित स्वास्थ्य वकालत की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना।
नए टीम के सदस्य जिला और नगरपालिका स्तर पर स्वास्थ्य पहलों का समन्वय, स्थानीय स्वास्थ्य प्राधिकरणों से संपर्क और पार्टी कार्यकर्ताओं को संगठित करने का काम करेंगे। उपाध्यक्षों और सचिवों को प्रमुख पदों पर रखकर जदयू का लक्ष्य स्वास्थ्य मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाना है, जो मतदाताओं के बीच महत्वपूर्ण है।
पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेताओं के साथ परामर्श के बाद यह निर्णय लिया गया, और इसे आगामी चुनावों से पहले स्वास्थ्य नीति को पार्टी के एजेंडे में शामिल करने की व्यापक रणनीति के हिस्से के रूप में बताया गया। चिकित्सा प्रकोष्ठ की विस्तारित टीम पूरे बिहार में स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता अभियानों और महामारी तैयारी जैसे कार्यों का आयोजन करेगी।
यह कदम जदयू की स्वास्थ्य सेवाओं को राजनीतिक मंच बनाकर जनता की प्राथमिकताओं, जैसे बुनियादी देखभाल तक पहुंच और महामारी प्रबंधन, को संबोधित करने की इच्छा को दर्शाता है। नियुक्तियों की घोषणा पटना में हुई, जहाँ राज्य अध्यक्ष ने इस प्रक्रिया की देखरेख की।
स्थानीय डॉक्टरों और सामुदायिक समूहों ने इस पहल का स्वागत किया, इसे राजनीतिक ढांचे में अधिक संगठित स्वास्थ्य वकालत की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना।