धर्म
जैथरा:-में शारदीय नवरात्र का भव्य शुभारंभ: मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना से हुई शुरुआत
शक्ति की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्र रविवार से शुरू हो गया है। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जा रही है, वहीं देवी मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है।
शक्ति की उपासना और आस्था का महापर्व शारदीय नवरात्र रविवार से शुरू हो गया है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। पहले दिन घरों और देवी मंदिरों में विधि-विधान से घटस्थापना के साथ मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाएगी।
नवरात्र के आगमन पर देवी मंदिरों को आकर्षक विद्युत झालरों और फूल-मालाओं से सजाया गया है। श्रद्धालुओं ने शनिवार को ही पूजा की तैयारियां पूरी कर ली थीं। बाजारों में माता की प्रतिमाओं, लाल चुनरी, नारियल, प्रसाद, श्रृंगार सामग्री और पूजन सामग्री की खरीदारी को लेकर रौनक रही।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस वर्ष रविवार से नवरात्र प्रारंभ होने के कारण मां दुर्गा का आगमन हाथी पर माना जा रहा है। देवी का यह स्वरूप सुख-समृद्धि, खुशहाली और अच्छी वर्षा का प्रतीक माना जाता है। नवरात्र के दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और मंगल की कामना करेंगे। देवी मंदिरों में आरती, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा।
घर-घर माता की ज्योति प्रज्ज्वलित करने और व्रत रखने की तैयारियां की गई हैं। आगामी दिनों में देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की चहल-पहल बढ़ने की उम्मीद है।
नवरात्र के आगमन पर देवी मंदिरों को आकर्षक विद्युत झालरों और फूल-मालाओं से सजाया गया है। श्रद्धालुओं ने शनिवार को ही पूजा की तैयारियां पूरी कर ली थीं। बाजारों में माता की प्रतिमाओं, लाल चुनरी, नारियल, प्रसाद, श्रृंगार सामग्री और पूजन सामग्री की खरीदारी को लेकर रौनक रही।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस वर्ष रविवार से नवरात्र प्रारंभ होने के कारण मां दुर्गा का आगमन हाथी पर माना जा रहा है। देवी का यह स्वरूप सुख-समृद्धि, खुशहाली और अच्छी वर्षा का प्रतीक माना जाता है। नवरात्र के दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और मंगल की कामना करेंगे। देवी मंदिरों में आरती, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा।
घर-घर माता की ज्योति प्रज्ज्वलित करने और व्रत रखने की तैयारियां की गई हैं। आगामी दिनों में देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की चहल-पहल बढ़ने की उम्मीद है।