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जननी सुरक्षा योजना में लापरवाही: बहराइच डीएम ने कई अधिकारियों का वेतन रोका
बहराइच के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सरकारी योजनाओं में धीमी प्रगति पर सख्त रुख अपनाते हुए जननी सुरक्षा योजना में खराब प्रदर्शन के लिए कई अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अन्य विभागों के अधिकारियों से भी स्पष्टीकरण मांगा है।
बहराइच। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड, विकास कार्यों, सीएमआईएस और आईजीआरएस की समीक्षा बैठक में सरकारी योजनाओं में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना में खराब प्रगति पर सुधार होने तक कई अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अन्य विभागों के अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब कर आगामी बैठक तक प्रगति में सुधार लाने को कहा है।
समीक्षा बैठक में जननी सुरक्षा योजना की खराब स्थिति के मद्देनजर मुख्य चिकित्साधिकारी, जीएम डीआईसी, डीपीआरओ, डीसी एनआरएलएम, डीएसटीओ, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण, जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला प्रोबेशन अधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। पंचायती राज विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, उद्योग विभाग और नियोजन विभाग के कार्यों की प्रगति भी संतोषजनक नहीं पाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई और मुख्य विकास अधिकारी को उनसे स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।
आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में शिकायतकर्ता की संतुष्टि का स्तर 80 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि असंतुष्ट शिकायतकर्ताओं की शिकायतों की अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर जांच करें और वास्तविक समाधान सुनिश्चित करें, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
सीएमआईएस (मुख्य सचिव निगरानी सूचना प्रणाली) की समीक्षा के दौरान डीएम ने एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं और निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा कराने पर जोर दिया। उन्होंने उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री के उपयोग, तकनीकी व प्रशासनिक बाधाओं के तत्काल समाधान और परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए। पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं को जनोपयोगी बनाने के लिए शीघ्र हस्तांतरित करने के भी निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक में जननी सुरक्षा योजना की खराब स्थिति के मद्देनजर मुख्य चिकित्साधिकारी, जीएम डीआईसी, डीपीआरओ, डीसी एनआरएलएम, डीएसटीओ, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण, जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला प्रोबेशन अधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। पंचायती राज विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, उद्योग विभाग और नियोजन विभाग के कार्यों की प्रगति भी संतोषजनक नहीं पाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई और मुख्य विकास अधिकारी को उनसे स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।
आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में शिकायतकर्ता की संतुष्टि का स्तर 80 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि असंतुष्ट शिकायतकर्ताओं की शिकायतों की अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर जांच करें और वास्तविक समाधान सुनिश्चित करें, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
सीएमआईएस (मुख्य सचिव निगरानी सूचना प्रणाली) की समीक्षा के दौरान डीएम ने एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं और निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा कराने पर जोर दिया। उन्होंने उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री के उपयोग, तकनीकी व प्रशासनिक बाधाओं के तत्काल समाधान और परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए। पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं को जनोपयोगी बनाने के लिए शीघ्र हस्तांतरित करने के भी निर्देश दिए गए।