📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
अपराध
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने पोर्न ऐप और टोर नेटवर्क को गुप्त संवाद के लिए अपनाया
✍️ Deccan Herald
🗓 31 अग. 2026, 01:32 PM
👁 8
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने अब पोर्न ऐप्स और टोर नेटवर्क के माध्यम से गुप्त संदेशों का आदान‑प्रदान किया, जो एक नई रणनीति है।
सुरक्षा अधिकारियों ने जम्मू‑कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी समूहों द्वारा अपनाई गई नई संचार विधि की पहचान की है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, ये समूह पोर्नोग्राफी‑संबंधी मैसेजिंग ऐप्स का उपयोग करके एन्क्रिप्टेड निर्देश भेज रहे हैं और साथ ही टोर नेटवर्क के माध्यम से ट्रैफ़िक को अनाम बना रहे हैं, जिससे निगरानी कठिन हो रही है।
ऐसे प्लेटफ़ॉर्म को चुनने का मकसद वैध ट्रैफ़िक में छिपकर फॉरेन्सिक जांच को जटिल बनाना है। टोर नेटवर्क अतिरिक्त गुमनामी प्रदान करता है, जिससे संदेशों के स्रोत और गंतव्य का पता लगाना पारंपरिक निगरानी तकनीकों के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
जवाब में, जम्मू‑कश्मीर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां डिजिटल फ़ॉरेन्सिक क्षमताओं को सुदृढ़ कर रही हैं और ऐप स्टोर्स में संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों ने जनता से किसी भी अनोखी ऐप गतिविधि की सूचना देने का अनुरोध किया है और कहा है कि ऐसे प्लेटफ़ॉर्म के दुरुपयोग पर आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे प्लेटफ़ॉर्म को चुनने का मकसद वैध ट्रैफ़िक में छिपकर फॉरेन्सिक जांच को जटिल बनाना है। टोर नेटवर्क अतिरिक्त गुमनामी प्रदान करता है, जिससे संदेशों के स्रोत और गंतव्य का पता लगाना पारंपरिक निगरानी तकनीकों के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
जवाब में, जम्मू‑कश्मीर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां डिजिटल फ़ॉरेन्सिक क्षमताओं को सुदृढ़ कर रही हैं और ऐप स्टोर्स में संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों ने जनता से किसी भी अनोखी ऐप गतिविधि की सूचना देने का अनुरोध किया है और कहा है कि ऐसे प्लेटफ़ॉर्म के दुरुपयोग पर आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।