📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / DTM
शिक्षा
जामिया मिलिया इस्लामिया में मेस विवाद का समाधान, प्रशासन ने छात्राओं की माँगें मान ली
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 13 सित. 2026, 09:16 PM
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जामिया मिलिया इस्लामिया में मेस योजना को लेकर चल रहे गतिरोध का अंत हुआ, प्रशासन ने छात्राओं की माँगें स्वीकार कर लीं।
जामिया मिलिया इस्लामिया में केंद्र सरकार की मदरसा एजुकेशन स्कीम (MES) को लेकर चल रही विरोध प्रदर्शन ने कई हफ्तों तक कैंपस में गतिरोध पैदा कर दिया था। विशेष रूप से महिला छात्राओं ने इस योजना के प्रभाव को लेकर सुरक्षा और संस्थागत स्वायत्तता के मुद्दे उठाए थे।
कई दौर की बातचीत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने महिला छात्राओं द्वारा उठाई गई माँगों को स्वीकार करने का ऐलान किया, जिससे कैंपस में चल रहा गतिरोध समाप्त हो गया।
हालाँकि विस्तृत सूची सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा, शैक्षणिक स्वतंत्रता और प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ी प्रमुख चिंताओं को संबोधित किया गया है।
छात्र संघ ने इस कदम का स्वागत किया और बताया कि सामान्य कक्षाएँ जल्द ही फिर से शुरू हो जाएँगी। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह समाधान संस्थान की सुरक्षित और समावेशी शैक्षिक माहौल बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह घटना नीति परिवर्तन के समय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों की संवेदनशीलता और छात्र आंदोलन की प्रभावशीलता को उजागर करती है।
कई दौर की बातचीत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने महिला छात्राओं द्वारा उठाई गई माँगों को स्वीकार करने का ऐलान किया, जिससे कैंपस में चल रहा गतिरोध समाप्त हो गया।
हालाँकि विस्तृत सूची सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा, शैक्षणिक स्वतंत्रता और प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ी प्रमुख चिंताओं को संबोधित किया गया है।
छात्र संघ ने इस कदम का स्वागत किया और बताया कि सामान्य कक्षाएँ जल्द ही फिर से शुरू हो जाएँगी। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह समाधान संस्थान की सुरक्षित और समावेशी शैक्षिक माहौल बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह घटना नीति परिवर्तन के समय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों की संवेदनशीलता और छात्र आंदोलन की प्रभावशीलता को उजागर करती है।