📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown Kangra muralists (and at-least one artist
अपराध
जालंधर: दहेज उत्पीड़न मामले में सास‑ससुर को आठ साल बाद बरी किया गया
✍️ Amar Ujala · Jalandhar
🗓 23 अग. 2026, 06:37 PM
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पंजाब के कोर्ट ने दहेज उत्पीड़न मामले में सास‑ससुर को बरी कर दिया, आठ साल की लड़ाई के बाद राहत मिली।
जालंधर, पंजाब के एक न्यायालय ने दहेज उत्पीड़न के आरोप में सास‑ससुर को बरी कर दिया, जिससे आठ साल चलती मुकदमेबाजी समाप्त हुई। अभियोजन पक्ष ने आरोपों को पर्याप्त प्रमाण के साथ सिद्ध नहीं कर पाया, इसलिए अदालत ने बरी करने का आदेश दिया।
यह मामला दहेज प्रतिबंध अधिनियम के तहत दायर किया गया था, जिसमें यह दावा किया गया था कि सास‑ससुर ने दहेज की मांग के लिए बहुता को उत्पीड़न किया। कई सुनवाइयों के बाद भी प्रस्तुत साक्ष्य अदालत के मानक पर खरे नहीं उतरे।
कानूनी विश्लेषकों का कहना है कि यह फ़ैसला दहेज‑संबंधी मामलों में ठोस सबूतों की आवश्यकता को रेखांकित करता है, साथ ही ऐसे मामलों की लंबी अवधि को भी उजागर करता है। बरी होने से सास‑ससुर को कई वर्षों के अनिश्चितता के बाद राहत मिली है।
निर्णय को जिला न्यायालय के आधिकारिक रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा, और दोनों पक्षों को अपने सामान्य जीवन में लौटने का निर्देश दिया गया है।
यह मामला दहेज प्रतिबंध अधिनियम के तहत दायर किया गया था, जिसमें यह दावा किया गया था कि सास‑ससुर ने दहेज की मांग के लिए बहुता को उत्पीड़न किया। कई सुनवाइयों के बाद भी प्रस्तुत साक्ष्य अदालत के मानक पर खरे नहीं उतरे।
कानूनी विश्लेषकों का कहना है कि यह फ़ैसला दहेज‑संबंधी मामलों में ठोस सबूतों की आवश्यकता को रेखांकित करता है, साथ ही ऐसे मामलों की लंबी अवधि को भी उजागर करता है। बरी होने से सास‑ससुर को कई वर्षों के अनिश्चितता के बाद राहत मिली है।
निर्णय को जिला न्यायालय के आधिकारिक रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा, और दोनों पक्षों को अपने सामान्य जीवन में लौटने का निर्देश दिया गया है।