📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown artistUnknown artist
कृषि
जयपुर: नीलगाय नियंत्रण कानून बरकरार, वन विभाग ने निगरानी बढ़ाने का संकल्प
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 25 अग. 2026, 05:36 PM
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रजस्थानी वन विभाग ने फसल नुकसान के बावजूद नीलगाय नियंत्रण के कानूनी प्रावधानों को रद्द नहीं करने और निगरानी व जागरूकता बढ़ाने का फैसला किया।
राजस्थान के जयपुर में वन अधिकारियों को नीलगाय (नील गाय) द्वारा फसलों को नुकसान पहुँचाने की बढ़ती शिकायतों का सामना करना पड़ रहा है। हालिया रिपोर्टों से पता चलता है कि ये बड़े शाकाहारी जानवर कृषि क्षेत्रों में प्रवेश कर किसानों को उल्लेखनीय नुकसान पहुँचा रहे हैं।
इस पर प्रतिक्रिया स्वरूप राज्य वन विभाग ने बताया कि नीलगाय नियंत्रण के लिए मौजूदा कानूनी प्रावधान बरकरार रहेंगे। अधिकारियों ने कहा कि इस आदेश को रद्द करने से किसानों के पास वन‑फसल संघर्ष को नियंत्रित करने का कोई वैधानिक साधन नहीं रहेगा।
विभाग ने निगरानी को कड़ा करने, अतिरिक्त गश्त दल तैनात करने और किसानों को रोकथाम उपायों व रिपोर्टिंग प्रक्रिया के बारे में जागरूक करने के लिए अभियान चलाने का इरादा जताया है। स्थानीय पुलिस और कृषि अधिकारियों के साथ समन्वय को भी मजबूत किया जाएगा ताकि घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई हो सके।
कानूनी प्रावधानों को बरकरार रखकर विभाग वन संरक्षण और किसानों की आजीविका दोनों को संतुलित करने का लक्ष्य रखता है, यह मानते हुए कि सतत ग्रामीण विकास के लिए दोनों पहलू आवश्यक हैं।
इस पर प्रतिक्रिया स्वरूप राज्य वन विभाग ने बताया कि नीलगाय नियंत्रण के लिए मौजूदा कानूनी प्रावधान बरकरार रहेंगे। अधिकारियों ने कहा कि इस आदेश को रद्द करने से किसानों के पास वन‑फसल संघर्ष को नियंत्रित करने का कोई वैधानिक साधन नहीं रहेगा।
विभाग ने निगरानी को कड़ा करने, अतिरिक्त गश्त दल तैनात करने और किसानों को रोकथाम उपायों व रिपोर्टिंग प्रक्रिया के बारे में जागरूक करने के लिए अभियान चलाने का इरादा जताया है। स्थानीय पुलिस और कृषि अधिकारियों के साथ समन्वय को भी मजबूत किया जाएगा ताकि घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई हो सके।
कानूनी प्रावधानों को बरकरार रखकर विभाग वन संरक्षण और किसानों की आजीविका दोनों को संतुलित करने का लक्ष्य रखता है, यह मानते हुए कि सतत ग्रामीण विकास के लिए दोनों पहलू आवश्यक हैं।