📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Krupasindhu Muduli
धर्म
जगजीत सिंह कोहली ने 25 साल की लाइव गुरबाणी प्रसारण को यादगार बनाने के लिए 'गुरबानीट्यूब' लॉन्च किया
✍️ PTC News
🗓 13 सित. 2026, 09:02 PM
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व veteran प्रसारक जगजीत सिंह कोहली ने 25 साल की निरंतर लाइव गुरबाणी प्रसारण की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 'गुरबानीट्यूब' नामक नया डिजिटल मंच शुरू किया।
जगजीत सिंह कोहली, जो सिख धार्मिक प्रसारण में अपने कार्य के लिए जाने जाते हैं, ने 'गुरबानीट्यूब' नामक एक डिजिटल मंच का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम 25 साल की निरंतर लाइव गुरबाणी प्रसारण की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जो पवित्र श्लोकों को व्यापक दर्शकों तक पहुँचाने के प्रयास को दर्शाता है।
1999 में शुरू हुई यह लाइव गुरबाणी टेलीकास्ट तब से भारत और विदेशों में श्रद्धालुओं के लिए दैनिक प्रार्थना का मुख्य स्रोत बन गया है। इस चतुर्भुज सदी में इस सेवा ने सिख शास्त्रों को संरक्षित और प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
'गुरबानीट्यूब' एक ऑन‑डिमांड स्ट्रीमिंग सेवा के रूप में तैयार किया गया है, जिससे उपयोगकर्ता स्मार्टफ़ोन, टैबलेट या कंप्यूटर के माध्यम से कभी भी गुरबाणी सुन सकते हैं। यह मंच विभिन्न गायकों और संस्थानों की रिकॉर्डिंग को एकत्रित करके खोज योग्य लाइब्रेरी प्रदान करता है, जिसका उद्देश्य विशेषकर डिजिटल युग के युवा श्रोताओं तक शास्त्रों की पहुँच आसान बनाना है।
लॉन्च के दौरान कोहली ने कहा कि यह नई सेवा पारंपरिक पूजा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का प्रयास है, जिससे आध्यात्मिक सामग्री आज के जुड़े हुए संसार में भी प्रासंगिक बनी रहे। उन्होंने बताया कि भविष्य में प्लेटफ़ॉर्म में उपशीर्षक, थीम‑आधारित प्लेलिस्ट जैसी सुविधाएँ जोड़ने की योजना है।
इस पहल से न केवल दीर्घकालिक अनुयायी बल्कि नए श्रोताओं को भी आकर्षित करने की उम्मीद है, जिससे धार्मिक अभ्यास में डिजिटल उपकरणों की भूमिका और सुदृढ़ होगी।
1999 में शुरू हुई यह लाइव गुरबाणी टेलीकास्ट तब से भारत और विदेशों में श्रद्धालुओं के लिए दैनिक प्रार्थना का मुख्य स्रोत बन गया है। इस चतुर्भुज सदी में इस सेवा ने सिख शास्त्रों को संरक्षित और प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
'गुरबानीट्यूब' एक ऑन‑डिमांड स्ट्रीमिंग सेवा के रूप में तैयार किया गया है, जिससे उपयोगकर्ता स्मार्टफ़ोन, टैबलेट या कंप्यूटर के माध्यम से कभी भी गुरबाणी सुन सकते हैं। यह मंच विभिन्न गायकों और संस्थानों की रिकॉर्डिंग को एकत्रित करके खोज योग्य लाइब्रेरी प्रदान करता है, जिसका उद्देश्य विशेषकर डिजिटल युग के युवा श्रोताओं तक शास्त्रों की पहुँच आसान बनाना है।
लॉन्च के दौरान कोहली ने कहा कि यह नई सेवा पारंपरिक पूजा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का प्रयास है, जिससे आध्यात्मिक सामग्री आज के जुड़े हुए संसार में भी प्रासंगिक बनी रहे। उन्होंने बताया कि भविष्य में प्लेटफ़ॉर्म में उपशीर्षक, थीम‑आधारित प्लेलिस्ट जैसी सुविधाएँ जोड़ने की योजना है।
इस पहल से न केवल दीर्घकालिक अनुयायी बल्कि नए श्रोताओं को भी आकर्षित करने की उम्मीद है, जिससे धार्मिक अभ्यास में डिजिटल उपकरणों की भूमिका और सुदृढ़ होगी।