📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendra_Singh_Chau…
शिक्षा
जबलपुर हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती में मेरिटधारकों को नीचे रखने का आदेश निरस्त किया
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 22 अग. 2026, 03:36 PM
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जबलपुर हाईकोर्ट की युगलपीठ ने कहा कि प्रशासनिक कारणों से अधिक अंक वाले उम्मीदवारों को शिक्षक पदों से वंचित नहीं किया जा सकता, एकलपीठ के आदेश को निरस्त किया।
जबलपुर हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश में आयोजित शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी एक विवाद की सुनवाई की, जहाँ अधिक अंक वाले अभ्यर्थियों ने एकलपीठ के आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उन्हें कम अंक वाले उम्मीदवारों से नीचे रखा गया था।
युगलपीठ ने सर्वसम्मति से कहा कि किसी भी प्रशासनिक सुविधा के लिए मेरिट को घटाया नहीं जा सकता। कोर्ट ने अधिक अंक वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया और पहले के एकलपीठ आदेश को निरस्त कर दिया, जिससे कम अंक वाले अभ्यर्थियों को आगे बढ़ने का आधार नहीं रहेगा।
यह निर्णय सार्वजनिक सेवा में मेरिट‑आधारित चयन के सिद्धांत को सुदृढ़ करता है और भविष्य में राज्य भर में भर्ती प्रक्रियाओं में प्रशासनिक निर्णयों को अंक‑आधारित मूल्यांकन के ऊपर नहीं रखने की चेतावनी देता है।
युगलपीठ ने सर्वसम्मति से कहा कि किसी भी प्रशासनिक सुविधा के लिए मेरिट को घटाया नहीं जा सकता। कोर्ट ने अधिक अंक वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया और पहले के एकलपीठ आदेश को निरस्त कर दिया, जिससे कम अंक वाले अभ्यर्थियों को आगे बढ़ने का आधार नहीं रहेगा।
यह निर्णय सार्वजनिक सेवा में मेरिट‑आधारित चयन के सिद्धांत को सुदृढ़ करता है और भविष्य में राज्य भर में भर्ती प्रक्रियाओं में प्रशासनिक निर्णयों को अंक‑आधारित मूल्यांकन के ऊपर नहीं रखने की चेतावनी देता है।