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10 अक्टू. 2026•
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इंदौर: दीपावली पर खाद्य पदार्थों में मिलावट के विरुद्ध कलेक्टर के सख्त निर्देश, विशेष निगरानी की घोषणा

✍️ रिपोर्टर: Pranav Gaur 🗓 10 अक्टू. 2026, 09:18 PM 👁 14
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इंदौर जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने आगामी त्योहारों के मद्देनजर मिलावट के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। संदिग्ध सामग्री पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार, इंदौर जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने और मिलावट के खिलाफ निरंतर कार्रवाई जारी है। आगामी दीपावली और अन्य त्योहारों को देखते हुए, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने मिठाई, नमकीन, मावा, घी, खाद्य तेल और अन्य त्योहारी खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर विशेष निगरानी रखने तथा सघन जांच अभियान चलाने के आदेश दिए हैं। यदि कोई भी संदिग्ध या अमानक खाद्य पदार्थ पाया जाता है, तो नियमानुसार तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, होटलों, रेस्टोरेंट्स, स्कूलों, हॉस्टलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के रसोईघरों में भी शुद्धता, स्वच्छता और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

यह निर्देश कलेक्टर श्री शिवम वर्मा की अध्यक्षता में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में आयोजित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में दिए गए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हिमांशु प्रजापति भी उपस्थित थे। कलेक्टर ने खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई, खाद्य नमूनों की जांच, न्यायालयीन प्रकरणों, जन-जागरूकता कार्यक्रमों और आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की।

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री मनीष स्वामी ने बताया कि 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक जिले में 965 निरीक्षण किए गए और जांच के लिए 2,051 खाद्य नमूने लिए गए, जिनमें 834 लीगल और 1,212 सर्विलांस नमूने शामिल थे। इस अवधि में 38 प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 20 निर्णित हुए और दोष सिद्ध होने पर कुल 50 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया।

वर्ष 2026-27 में दूध, दुग्ध उत्पादों, घी, तेल और पेय पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए लगभग 31 हजार किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसका अनुमानित मूल्य लगभग 86 लाख रुपये है। गंभीर अनियमितताओं वाले प्रतिष्ठानों पर नमूने लेने, कारोबार बंद कराने और वैधानिक कार्रवाई की गई। मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से 2,563 नमूनों का स्पॉट परीक्षण किया गया और 35 जन-जागरूकता व 35 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर नागरिकों व कारोबारियों को मिलावट की पहचान, स्वच्छता और सुरक्षित खानपान के प्रति जागरूक किया गया।
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