📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Staff Sgt. Samuel Northrup
रक्षा
इंडो‑अमेरिका ‘युद्ध अभ्यास 2026’ संयुक्त सैन्य अभ्यास उत्तराखंड और राजस्थान में शुरू
✍️ The Times of India
🗓 16 सित. 2026, 03:01 AM
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इंडो‑अमेरिका के युध् अभ्यास 2026 का संस्करण उत्तराखंड और राजस्थान में एक साथ शुरू हुआ, जो दोनों देशों के रक्षा सहयोग में एक नई प्रगति को दर्शाता है।
नई दिल्ली – इंडो‑अमेरिका के वार्षिक संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘युद्ध अभ्यास 2026’ का उद्घाटन आज उत्तराखंड और राजस्थान में समानांतर रूप से किया गया। भारतीय सेना और अमेरिकी सेना के वरिष्ठ अधिकारी इस अभ्यास की निगरानी करेंगे, जिसका उद्देश्य अंतर-संचालन क्षमता, आतंकवाद विरोधी रणनीति और आपदा राहत समन्वय को सुदृढ़ करना है।
दोनों स्थानों पर पादत्राण, कक्षा सत्र और लाइव‑फ़ायर सिमुलेशन सहित कई प्रकार के अभ्यास आयोजित किए जाएंगे। प्रतिभागी उत्तराखंड में पर्वतीय युद्ध और राजस्थान में रेगिस्तानी संचालन के सर्वोत्तम अभ्यासों का आदान‑प्रदान करेंगे, जो भारत के विविध भू-भाग को दर्शाता है।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह अभ्यास 2016 में लॉजिस्टिक एक्सचेंज मेमोरेन्डम ऑफ़ एग्रीमेंट (LEMOA) के हस्ताक्षर के बाद गहरी हुई रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित करता है। दोनों पक्षों के अधिकारियों ने बताया कि ‘युद्ध अभ्यास’ क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विश्वास‑निर्माण का एक साधन है।
यह दो हफ्ते चलने वाला अभ्यास समाप्त होने पर एक संयुक्त समीक्षा की जाएगी, जिसमें परिणामों का मूल्यांकन कर भविष्य के सहयोगी प्रशिक्षण की रूपरेखा तय की जाएगी।
दोनों स्थानों पर पादत्राण, कक्षा सत्र और लाइव‑फ़ायर सिमुलेशन सहित कई प्रकार के अभ्यास आयोजित किए जाएंगे। प्रतिभागी उत्तराखंड में पर्वतीय युद्ध और राजस्थान में रेगिस्तानी संचालन के सर्वोत्तम अभ्यासों का आदान‑प्रदान करेंगे, जो भारत के विविध भू-भाग को दर्शाता है।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह अभ्यास 2016 में लॉजिस्टिक एक्सचेंज मेमोरेन्डम ऑफ़ एग्रीमेंट (LEMOA) के हस्ताक्षर के बाद गहरी हुई रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित करता है। दोनों पक्षों के अधिकारियों ने बताया कि ‘युद्ध अभ्यास’ क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विश्वास‑निर्माण का एक साधन है।
यह दो हफ्ते चलने वाला अभ्यास समाप्त होने पर एक संयुक्त समीक्षा की जाएगी, जिसमें परिणामों का मूल्यांकन कर भविष्य के सहयोगी प्रशिक्षण की रूपरेखा तय की जाएगी।