📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Collin O'Dwyer
शिक्षा
इंदौर: ‘छात्रों की गूंज’ हर जिले में पहुंचेगी, जीतू पटवारी ने कहा
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 20 सित. 2026, 02:00 PM
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‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को राज्य के सभी जिलों में ले जाया जाएगा, कांग्रेस के जीतू पटवारी ने शिक्षा‑रोजगार के मुद्दे उठाते रहने का आश्वासन दिया।
इंदौर में कांग्रेस के अधिकारियों ने घोषणा की कि ‘छात्रों की गूंज’ पहल, जो शिक्षा और रोजगार से जुड़ी युवा समस्याओं को उजागर करने के लिए बनाई गई है, अब मध्य प्रदेश के हर जिले में विस्तारित की जाएगी। यह निर्णय हाल ही में आयोजित कई टाउन‑हॉल बैठकों के बाद लिया गया, जहाँ छात्रों, अभिभावकों और स्थानीय नेताओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम में बोले कांग्रेस प्रवक्ता जीतू पटवारी ने कहा कि पार्टी शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाते रहेगी। उन्होंने बताया कि इस विस्तार का उद्देश्य छात्रों को अपनी आकांक्षाएँ व्यक्त करने का मंच देना और सरकार को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए जवाबदेह बनाना है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने भी सभा में सरकार से सकारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया, जिससे युवाओं को ठोस लाभ मिल सके। पार्टी ने इस कदम को छात्रों की लोकतांत्रिक भागीदारी को सुदृढ़ करने के सकारात्मक कदम के रूप में प्रस्तुत किया।
आगामी हफ्तों में यह पहल जिला मुख्यालयों तक पहुँचेगी, जहाँ स्थानीय स्वयंसेवक इंटरैक्टिव सत्र, कौशल‑कार्यशालाएँ और प्रतिक्रिया तंत्र आयोजित करेंगे ताकि छात्रों की चिंताओं को नीति निर्माताओं तक पहुँचाया जा सके।
कार्यक्रम में बोले कांग्रेस प्रवक्ता जीतू पटवारी ने कहा कि पार्टी शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाते रहेगी। उन्होंने बताया कि इस विस्तार का उद्देश्य छात्रों को अपनी आकांक्षाएँ व्यक्त करने का मंच देना और सरकार को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए जवाबदेह बनाना है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने भी सभा में सरकार से सकारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया, जिससे युवाओं को ठोस लाभ मिल सके। पार्टी ने इस कदम को छात्रों की लोकतांत्रिक भागीदारी को सुदृढ़ करने के सकारात्मक कदम के रूप में प्रस्तुत किया।
आगामी हफ्तों में यह पहल जिला मुख्यालयों तक पहुँचेगी, जहाँ स्थानीय स्वयंसेवक इंटरैक्टिव सत्र, कौशल‑कार्यशालाएँ और प्रतिक्रिया तंत्र आयोजित करेंगे ताकि छात्रों की चिंताओं को नीति निर्माताओं तक पहुँचाया जा सके।