📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / President's Secretariat
शिक्षा
इंदौर की छात्राओं ने नेताओं से पूछा: अपने बच्चों को सरकारी स्कूल क्यों नहीं भेजते?
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 19 सित. 2026, 09:15 PM
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इंदौर के एक कार्यक्रम में छात्राओं ने महिला सुरक्षा, महंगे शिक्षा तंत्र और कोचिंग माफिया पर सवाल उठाते हुए समान कानून लागू करने की मांग की।
इंदौर में आयोजित एक सभा में छात्राओं ने शिक्षा से जुड़ी कई समस्याओं को उजागर किया। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चल रहे खतरे और बढ़ती ट्यूशन फीस के कारण उत्पन्न आर्थिक बोझ पर प्रकाश डाला।
छात्राओं ने कोचिंग संस्थानों के ‘माफिया’ प्रभाव का उल्लेख किया, जो निजी ट्यूशन के माध्यम से उच्च शिक्षा के अवसरों को नियंत्रित कर महँगी फीस वसूलते हैं, जिससे सामाजिक असमानता बढ़ती है।
एक प्रमुख मुद्दा यह था कि कई राजनेता अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजते हैं जबकि सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली की प्रशंसा करते हैं। छात्राओं ने नेताओं से अनुरोध किया कि वे अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला कर समान उदाहरण स्थापित करें और कोचिंग माफिया को रोकने के लिए कानून का समान रूप से लागू किया जाए।
आयोजकों ने कहा कि इस बयान ने मध्य प्रदेश में शैक्षणिक समानता पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है, परन्तु अभी तक किसी राजनीतिक प्रतिनिधि की आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
छात्राओं ने कोचिंग संस्थानों के ‘माफिया’ प्रभाव का उल्लेख किया, जो निजी ट्यूशन के माध्यम से उच्च शिक्षा के अवसरों को नियंत्रित कर महँगी फीस वसूलते हैं, जिससे सामाजिक असमानता बढ़ती है।
एक प्रमुख मुद्दा यह था कि कई राजनेता अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजते हैं जबकि सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली की प्रशंसा करते हैं। छात्राओं ने नेताओं से अनुरोध किया कि वे अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला कर समान उदाहरण स्थापित करें और कोचिंग माफिया को रोकने के लिए कानून का समान रूप से लागू किया जाए।
आयोजकों ने कहा कि इस बयान ने मध्य प्रदेश में शैक्षणिक समानता पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है, परन्तु अभी तक किसी राजनीतिक प्रतिनिधि की आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।