📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / MacKay, Jean Sinclair
स्वास्थ्य
इंदौर में हादसा: डॉक्टरों ने 37‑सप्ताह गर्भवती महिला और शिशु को बचाने के लिए एक साथ सीज़ेरियन और पैर की सर्जरी की
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 18 अग. 2026, 06:03 PM
👁 7
इंदौर में सड़क हादसे के बाद 37‑सप्ताह गर्भवती महिला और शिशु को बचाने के लिए डॉक्टरों ने एक साथ सीज़ेरियन और पैर की सर्जरी की।
इंदौर में एक सड़क हादसे में 37‑सप्ताह गर्भवती महिला घायल हुई और उसे नज़दीकी अस्पताल में फटे हुए पैर और आंतरिक रक्तस्राव के साथ भर्ती कराया गया। अस्पताल के वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन ने एक ही ऑपरेशन में सीज़ेरियन सेक्शन और पैर की जटिल सर्जरी करने का निर्णय लिया। यह प्रक्रिया तीन घंटे से अधिक चली और इसमें एनेस्थेसियोलॉजिस्ट, ओब्स्टेट्रिशियन और सर्जनों की बहु‑विषयक टीम शामिल थी।
सर्जरी सफल रही; शिशु को स्वस्थ रूप से पैदा किया गया और माँ के पैर को आंतरिक फिक्सेशन के साथ स्थिर किया गया। पोस्ट‑ऑपरेटिव निगरानी में दोनों की जाँच की गई और स्थिर स्थिति पाई गई। डॉक्टरों ने त्वरित निर्णय लेने और समन्वय की सराहना की, जिससे आगे की जटिलताओं को रोका गया।
यह घटना भारतीय अस्पतालों में आपातकालीन तैयारी के महत्व को दर्शाती है, विशेषकर उच्च‑जोखिम गर्भधारण के लिए। अधिकारियों ने स्थानीय यातायात प्राधिकरणों से ऐसे हादसों को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा उपायों को बेहतर बनाने का आग्रह किया।
सर्जरी सफल रही; शिशु को स्वस्थ रूप से पैदा किया गया और माँ के पैर को आंतरिक फिक्सेशन के साथ स्थिर किया गया। पोस्ट‑ऑपरेटिव निगरानी में दोनों की जाँच की गई और स्थिर स्थिति पाई गई। डॉक्टरों ने त्वरित निर्णय लेने और समन्वय की सराहना की, जिससे आगे की जटिलताओं को रोका गया।
यह घटना भारतीय अस्पतालों में आपातकालीन तैयारी के महत्व को दर्शाती है, विशेषकर उच्च‑जोखिम गर्भधारण के लिए। अधिकारियों ने स्थानीय यातायात प्राधिकरणों से ऐसे हादसों को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा उपायों को बेहतर बनाने का आग्रह किया।