📷 चित्र स्रोत: TOI India (via NewsData)
टेक्नोलॉजी
भारत का सौर उछाल, अब ऊर्जा भंडारण की चुनौती
✍️ TOI India
🗓 30 जुल. 2026, 08:41 PM
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भारत की बढ़ती सौर क्षमता अब भंडारण और वितरण की चुनौती का सामना कर रही है।
भारत ने पिछले वर्ष 20 GW से अधिक सौर क्षमता जोड़ी है, जिससे यह विश्व के सबसे तेज़ी से बढ़ते सौर बाजारों में से एक बन गया है। परंतु ग्रिड ऑपरेटरों का कहना है कि तेज़ धूप के समय उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को अवशोषित नहीं किया जा सकता, जिससे कटौती और ऊर्जा की बर्बादी होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि देश को बड़े पैमाने पर बैटरी भंडारण, पम्प्ड-हाइड्रो प्रोजेक्ट्स और बेहतर ग्रिड इंटरकनेक्शन की आवश्यकता है ताकि सौर उत्पादन का अधिकतम उपयोग हो सके। सरकार ने भंडारण अवसंरचना में निवेश की योजनाएँ घोषित की हैं, परंतु कार्यान्वयन समयरेखा स्पष्ट नहीं है। इस बीच, निजी कंपनियाँ सौर के साथ बैटरी पैक्स को मिलाकर उपभोक्ताओं को सप्लाई को स्मूथ करने के लिए हाइब्रिड समाधान तलाश रही हैं।