📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / MoE of India
टेक्नोलॉजी
भारत की नई डिजिटल सेंसरशिप प्रणाली: राज्य को मिली हटाने की शक्ति
✍️ SabrangIndia
🗓 20 अग. 2026, 05:40 PM
👁 9
नई नियामक रूपरेखा से भारतीय अधिकारियों को ऑनलाइन सामग्री हटाने का अधिकार मिला, जिससे डिजिटल नियंत्रण में कड़ी कार्रवाई का संकेत मिलता है।
भारतीय सरकार ने एक नई डिजिटल सेंसरशिप रूपरेखा पेश की है, जिससे राज्य एजेंसियों को ऑनलाइन सामग्री को सीधे हटाने का आदेश देने का अधिकार मिला है। इस तंत्र को मीडिया निगरानी समूह सबरंगइंडिया ने "राज्य का डिलीट बटन" कहा है, जिसका उद्देश्य हानिकारक या अवैध मानी जाने वाली सामग्री को शीघ्र हटाना है।
इस ढाँचे के तहत, उपयोगकर्ता‑जनित सामग्री होस्ट करने वाले प्लेटफ़ॉर्म को निर्धारित समय में हटाने के अनुरोधों का पालन करना होगा, नहीं तो उन्हें दंड या संचालन लाइसेंस रद्द होने का जोखिम हो सकता है। यह नीति गलत सूचना, घृणा भाषण और सार्वजनिक व्यवस्था को चुनौती देने वाली सामग्री को लेकर बढ़ती चिंताओं को दर्शाती है।
आलोचक कहते हैं कि इस व्यापक अधिकार से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लग सकता है और राज्य को इंटरनेट पर अनियंत्रित शक्ति मिल सकती है। सरकार का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक नैतिकता की रक्षा के लिए आवश्यक है और सामग्री हटाने की स्पष्ट प्रक्रिया प्रदान करता है।
इस ढाँचे के तहत, उपयोगकर्ता‑जनित सामग्री होस्ट करने वाले प्लेटफ़ॉर्म को निर्धारित समय में हटाने के अनुरोधों का पालन करना होगा, नहीं तो उन्हें दंड या संचालन लाइसेंस रद्द होने का जोखिम हो सकता है। यह नीति गलत सूचना, घृणा भाषण और सार्वजनिक व्यवस्था को चुनौती देने वाली सामग्री को लेकर बढ़ती चिंताओं को दर्शाती है।
आलोचक कहते हैं कि इस व्यापक अधिकार से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लग सकता है और राज्य को इंटरनेट पर अनियंत्रित शक्ति मिल सकती है। सरकार का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक नैतिकता की रक्षा के लिए आवश्यक है और सामग्री हटाने की स्पष्ट प्रक्रिया प्रदान करता है।