📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / World Economic Forum
बिज़नेस
भारत की आर्थिक यात्रा: लाइसेंस रज से आधुनिक विकास (1947‑2026)
✍️ News18
🗓 14 अग. 2026, 03:38 PM
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भारत ने 1947 से 2026 तक लाइसेंस रज के नियामक युग से एक गतिशील आधुनिक अर्थव्यवस्था में परिवर्तन किया है, जिससे महत्वपूर्ण विकास और संरचनात्मक सुधार हुए हैं।
भारत की आर्थिक कहानी 1947 में लाइसेंस रज के साथ शुरू हुई, जिसने उद्योग पर व्यापक नियमन और राज्य नियंत्रण लगाया।
आने वाले दशकों में, देश ने क्रमिक उदारीकरण अपनाया, बाजारों को खोला और निजी निवेश को प्रोत्साहित किया।
2000 के शुरुआती वर्षों तक, सुधारों ने तेजी पकड़ी, जिससे एक विविधीकृत अर्थव्यवस्था उभरी जो अब प्रौद्योगिकी, सेवाओं और वैश्विक व्यापार पर आधारित है।
आज, भारत की आधुनिक अर्थव्यवस्था विकास, नवाचार और लचीलापन का मिश्रण दर्शाती है, जिससे यह विश्व मंच पर एक प्रमुख खिलाड़ी बन गया है।
आने वाले दशकों में, देश ने क्रमिक उदारीकरण अपनाया, बाजारों को खोला और निजी निवेश को प्रोत्साहित किया।
2000 के शुरुआती वर्षों तक, सुधारों ने तेजी पकड़ी, जिससे एक विविधीकृत अर्थव्यवस्था उभरी जो अब प्रौद्योगिकी, सेवाओं और वैश्विक व्यापार पर आधारित है।
आज, भारत की आधुनिक अर्थव्यवस्था विकास, नवाचार और लचीलापन का मिश्रण दर्शाती है, जिससे यह विश्व मंच पर एक प्रमुख खिलाड़ी बन गया है।