📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Beata May
टेक्नोलॉजी
भारत में जल संकट के बीच डेटा सेंटरों का विस्फोट
✍️ DW.com
🗓 02 सित. 2026, 05:38 PM
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भारत में जल की कमी के बीच डेटा सेंटरों का तेज़ी से बढ़ना स्थिरता और संसाधन प्रबंधन पर सवाल खड़ा कर रहा है।
भारत में डेटा सेंटरों के निर्माण में तेज़ी आई है, जिससे नई सुविधाएँ प्रमुख शहरों में खुल रही हैं ताकि बढ़ती डिजिटल मांग को पूरा किया जा सके।
यह उछाल कई क्षेत्रों में घटती जल आपूर्ति की रिपोर्टों के साथ मेल खाता है, जिससे चिंता है कि डेटा सेंटरों के ऊर्जा‑गहन कूलिंग सिस्टम मौजूदा सीमित संसाधनों पर दबाव डाल सकते हैं।
पर्यावरण विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि इन केंद्रों की संयुक्त जल और बिजली खपत, विशेषकर सूखा-प्रवण क्षेत्रों में, स्थानीय कमी को बढ़ा सकती है।
उद्योग के नेता कहते हैं कि कूलिंग तकनीक और नवीकरणीय ऊर्जा में प्रगति प्रभाव को कम कर सकती है, पर नियामक निकाय नई डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए सख्त जल‑उपयोग दिशानिर्देशों की माँग कर रहे हैं।
यह उछाल कई क्षेत्रों में घटती जल आपूर्ति की रिपोर्टों के साथ मेल खाता है, जिससे चिंता है कि डेटा सेंटरों के ऊर्जा‑गहन कूलिंग सिस्टम मौजूदा सीमित संसाधनों पर दबाव डाल सकते हैं।
पर्यावरण विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि इन केंद्रों की संयुक्त जल और बिजली खपत, विशेषकर सूखा-प्रवण क्षेत्रों में, स्थानीय कमी को बढ़ा सकती है।
उद्योग के नेता कहते हैं कि कूलिंग तकनीक और नवीकरणीय ऊर्जा में प्रगति प्रभाव को कम कर सकती है, पर नियामक निकाय नई डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए सख्त जल‑उपयोग दिशानिर्देशों की माँग कर रहे हैं।