📷 चित्र स्रोत: Times of India (via NewsData)
वायरल
सरकार ने वायरल AI डीपफेक को खारिज किया, पाकिस्तान के खातों से जोड़ा
✍️ Times of India
🗓 25 जुल. 2026, 11:18 AM
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भारतीय सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य मंत्रियों के झूठे AI वीडियो को खारिज किया, स्रोत को पाकिस्तान के सोशल मीडिया खातों से जोड़ते हुए।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने आज एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ AI‑जनित वीडियो नकली थे। इन क्लिप्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कुछ मंत्रियों को विवादास्पद विषयों पर बोलते हुए दिखाया गया था।
सत्यापन टीम ने वीडियो के स्रोत को कई पाकिस्तानी सोशल मीडिया खातों से जोड़ा, जो गलत सूचना फैलाने में सक्रिय रहे हैं। सरकार ने उपयोगकर्ताओं को सामग्री साझा करने से पहले स्रोत की जाँच करने का आग्रह किया।
अधिकारियों ने बताया कि ये डीपफेक उन्नत जनरेटिव AI तकनीक से बने हैं, जो किसी व्यक्ति की आवाज़ और चेहरे के भावों को अत्यधिक सटीकता से दोहरा सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी तकनीक सार्वजनिक राय को प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है।
सरकार ने डिजिटल साक्षरता पहल को मजबूत करने और गलत सामग्री का पता लगाने व हटाने के लिए टेक कंपनियों के साथ सहयोग करने का वादा किया।
सत्यापन टीम ने वीडियो के स्रोत को कई पाकिस्तानी सोशल मीडिया खातों से जोड़ा, जो गलत सूचना फैलाने में सक्रिय रहे हैं। सरकार ने उपयोगकर्ताओं को सामग्री साझा करने से पहले स्रोत की जाँच करने का आग्रह किया।
अधिकारियों ने बताया कि ये डीपफेक उन्नत जनरेटिव AI तकनीक से बने हैं, जो किसी व्यक्ति की आवाज़ और चेहरे के भावों को अत्यधिक सटीकता से दोहरा सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी तकनीक सार्वजनिक राय को प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है।
सरकार ने डिजिटल साक्षरता पहल को मजबूत करने और गलत सामग्री का पता लगाने व हटाने के लिए टेक कंपनियों के साथ सहयोग करने का वादा किया।