📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / DesiBoy101
टेक्नोलॉजी
भारत ने OTT प्लेटफ़ॉर्म पर कड़ी नियमावली की मांग की, केवल संवाद पर्याप्त नहीं
✍️ Free Press Journal
🗓 27 जुल. 2026, 05:02 AM
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भारत के नियामकों ने ओवर‑द‑टॉप स्ट्रीमिंग सेवाओं पर निर्णायक कार्रवाई की मांग की है। वे कहते हैं कि केवल संवाद से सामग्री संबंधी चिंताओं को नियंत्रित नहीं किया जा सकता।
माहिती व प्रसारण मंत्रालय ने ओवर‑द‑टॉप (OTT) क्षेत्र को सख्त नियमन करने की मांग करते हुए एक बयान जारी किया है।
अधिकारियों ने बढ़ती सामग्री की विश्वसनीयता, आयु‑सत्यापन की कमी और स्पष्ट लाइसेंसिंग ढाँचे के अभाव को प्रमुख कारण बताया। वे चेतावनी देते हैं कि केवल स्वैच्छिक अनुपालन से उपभोक्ता सुरक्षा में अंतराल रह सकता है।
प्रस्तावित कदमों में सभी प्लेटफ़ॉर्म के लिए अनिवार्य लाइसेंसिंग, मानकीकृत सामग्री रेटिंग प्रणाली, और सख्त आयु‑सत्यापन प्रोटोकॉल शामिल हैं। मंत्रालय ने इन नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए समय‑समय पर ऑडिट का भी प्रस्ताव रखा है।
उद्योग समूहों ने उपभोक्ता सुरक्षा के उद्देश्य को स्वीकार किया है, परंतु उन्होंने नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ सार्वजनिक हितों की रक्षा के लिए संतुलित दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया है।
अधिकारियों ने बढ़ती सामग्री की विश्वसनीयता, आयु‑सत्यापन की कमी और स्पष्ट लाइसेंसिंग ढाँचे के अभाव को प्रमुख कारण बताया। वे चेतावनी देते हैं कि केवल स्वैच्छिक अनुपालन से उपभोक्ता सुरक्षा में अंतराल रह सकता है।
प्रस्तावित कदमों में सभी प्लेटफ़ॉर्म के लिए अनिवार्य लाइसेंसिंग, मानकीकृत सामग्री रेटिंग प्रणाली, और सख्त आयु‑सत्यापन प्रोटोकॉल शामिल हैं। मंत्रालय ने इन नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए समय‑समय पर ऑडिट का भी प्रस्ताव रखा है।
उद्योग समूहों ने उपभोक्ता सुरक्षा के उद्देश्य को स्वीकार किया है, परंतु उन्होंने नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ सार्वजनिक हितों की रक्षा के लिए संतुलित दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया है।