📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Health and Family Welfare
टेक्नोलॉजी
भारत ने एआई मेडिकल सॉफ्टवेयर के लाइसेंसिंग को आसान बनाया, नवाचार को बढ़ावा
✍️ Amar Ujala
🗓 28 जुल. 2026, 07:10 AM
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भारत सरकार ने एआई आधारित मेडिकल सॉफ्टवेयर के लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए नियमों में बदलाव किया, जिससे क्षेत्र की वृद्धि तेज होगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एआई आधारित मेडिकल सॉफ्टवेयर के लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए नियमों में बदलाव की घोषणा की। नई व्यवस्था के तहत कंपनियाँ एक ही समेकित आवेदन जमा कर सकती हैं, जिससे कई प्राधिकरणों से अनुमोदन की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।
नए नियमों से पहले के जटिल प्रक्रियाओं में कटौती की गई है, जिससे उत्पाद अनुमोदन का समय कम हो जाएगा और कंपनियाँ अपनी तकनीक को शीघ्रता से बाज़ार में उतार सकेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम स्टार्ट‑अप्स और स्थापित कंपनियों दोनों को एआई‑डायग्नोस्टिक टूल्स और रोगी प्रबंधन प्रणालियों में निवेश करने के लिए प्रेरित करेगा। सरकार का लक्ष्य डिजिटल स्वास्थ्य क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी और तकनीकी रूप से उन्नत बनाना है।
हालाँकि लाभों के सटीक प्रभाव समय के साथ स्पष्ट होंगे, परंतु मेडिकल सॉफ्टवेयर समुदाय ने इस सरलता को डिजिटल स्वास्थ्य अपनाने के लिए एक सकारात्मक कदम माना है।
नए नियमों से पहले के जटिल प्रक्रियाओं में कटौती की गई है, जिससे उत्पाद अनुमोदन का समय कम हो जाएगा और कंपनियाँ अपनी तकनीक को शीघ्रता से बाज़ार में उतार सकेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम स्टार्ट‑अप्स और स्थापित कंपनियों दोनों को एआई‑डायग्नोस्टिक टूल्स और रोगी प्रबंधन प्रणालियों में निवेश करने के लिए प्रेरित करेगा। सरकार का लक्ष्य डिजिटल स्वास्थ्य क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी और तकनीकी रूप से उन्नत बनाना है।
हालाँकि लाभों के सटीक प्रभाव समय के साथ स्पष्ट होंगे, परंतु मेडिकल सॉफ्टवेयर समुदाय ने इस सरलता को डिजिटल स्वास्थ्य अपनाने के लिए एक सकारात्मक कदम माना है।