📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kimon Berlin
बिज़नेस
BRICS 2026 में बिहार के सत्तू और ओडिशा की कॉफ़ी का भारत प्रदर्शन
✍️ The Indian Express
🗓 12 सित. 2026, 12:03 PM
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BRICS 2026 शिखर सम्मेलन में भारत ने बिहार के सत्तू और ओडिशा की कॉफ़ी जैसे क्षेत्रीय उत्पादों को प्रदर्शित कर अपनी कृषि विविधता को उजागर किया।
नई दिल्ली – भारत के प्रतिनिधियों ने BRICS 2026 शिखर सम्मेलन को अपने घरेलू खाद्य‑पेय उत्पादों को प्रमोट करने के मंच के रूप में इस्तेमाल किया। बिहार के प्रोटीन‑समृद्ध सत्तू और ओडिशा की विशेष कॉफ़ी को अन्य क्षेत्रीय वस्तुओं के साथ स्टॉल में प्रदर्शित किया गया, जिससे अन्य चार सदस्य देशों के निवेशकों और व्यापार साझेदारों को आकर्षित किया जा सके।
यह प्रदर्शन सरकार द्वारा बहुपक्षीय मंचों पर आगे बढ़ाए जा रहे "India Story" के हिस्से के रूप में पेश किया गया। अधिकारियों ने कहा कि यह प्रदर्शनी भारत की कृषि‑आधारित उद्योगों की क्षमता को उजागर करती है, जो स्वस्थ और नैतिक रूप से प्राप्त वस्तुओं की वैश्विक मांग को पूरा कर सकती है।
ब्राज़ील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधियों ने पवेलियन का दौरा किया, उत्पादों का स्वाद लिया और आपूर्ति समझौतों में रुचि जताई। व्यापार अधिकारियों ने बताया कि आगे की चर्चाएँ आपूर्ति‑श्रृंखला, प्रमाणन मानकों और बाजार पहुँच पर केंद्रित होंगी।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम भारत को विशेष कृषि वस्तुओं का विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता बनाने की रणनीति को सुदृढ़ करता है, जो वस्त्र और फार्मास्यूटिकल जैसे बड़े निर्यात क्षेत्रों को पूरक करता है।
BRICS शिखर सम्मेलन अगले सप्ताह समाप्त होगा, जिसमें आर्थिक सहयोग पर भी चर्चा होगी, पर भारत का उत्पाद प्रदर्शन पहले ही ब्लॉक में व्यापक मीडिया ध्यान आकर्षित कर चुका है।
यह प्रदर्शन सरकार द्वारा बहुपक्षीय मंचों पर आगे बढ़ाए जा रहे "India Story" के हिस्से के रूप में पेश किया गया। अधिकारियों ने कहा कि यह प्रदर्शनी भारत की कृषि‑आधारित उद्योगों की क्षमता को उजागर करती है, जो स्वस्थ और नैतिक रूप से प्राप्त वस्तुओं की वैश्विक मांग को पूरा कर सकती है।
ब्राज़ील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधियों ने पवेलियन का दौरा किया, उत्पादों का स्वाद लिया और आपूर्ति समझौतों में रुचि जताई। व्यापार अधिकारियों ने बताया कि आगे की चर्चाएँ आपूर्ति‑श्रृंखला, प्रमाणन मानकों और बाजार पहुँच पर केंद्रित होंगी।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम भारत को विशेष कृषि वस्तुओं का विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता बनाने की रणनीति को सुदृढ़ करता है, जो वस्त्र और फार्मास्यूटिकल जैसे बड़े निर्यात क्षेत्रों को पूरक करता है।
BRICS शिखर सम्मेलन अगले सप्ताह समाप्त होगा, जिसमें आर्थिक सहयोग पर भी चर्चा होगी, पर भारत का उत्पाद प्रदर्शन पहले ही ब्लॉक में व्यापक मीडिया ध्यान आकर्षित कर चुका है।