📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ginevrajocosa88
बिज़नेस
भारत और मेक्सिको ने व्यापार समझौते के ToR को अंतिम रूप दिया, जल्द होगा हस्ताक्षर
✍️ Business Standard
🗓 21 अग. 2026, 05:49 AM
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भारत और मेक्सिको ने नई प्रेफ़रेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट के लिए टर्म्स ऑफ रेफ़रेंस पर सहमति जताई है और जल्द ही समझौते पर हस्ताक्षर होंगे।
नई दिल्ली – भारत और मेक्सिको सरकारों ने दो देशों के बीच एक नई प्रेफ़रेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट के लिए टर्म्स ऑफ रेफ़रेंस (ToR) को अंतिम रूप दिया है। इस दस्तावेज़ में वार्ता की सीमा, टैरिफ में कटौती, मूल नियम और ऑटोमोबाइल पार्ट्स, फार्मास्यूटिकल्स तथा कृषि उत्पादों जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। दोनों मंत्रालयों ने कहा कि यह दस्तावेज़ अगले चरण की वार्ता के लिए स्पष्ट दिशा‑निर्देश प्रदान करता है और वरिष्ठ अधिकारियों को अंतिम मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। अगले कुछ हफ्तों में औपचारिक हस्ताक्षर समारोह होने की उम्मीद है, जिससे वार्षिक $10 अर्ब से अधिक के द्विपक्षीय व्यापार को और प्रोत्साहन मिलेगा।
मेक्सिको सिटी – दोनों देशों के व्यापार अधिकारियों ने इस समझौते पर एक साल से अधिक समय तक काम किया है, और ToR का अंतिम रूप देना इस प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम है। यद्यपि विशिष्ट टैरिफ शेड्यूल अभी घोषित नहीं हुए हैं, ToR से पता चलता है कि दोनों पक्ष कई वस्तुओं पर टैरिफ घटाकर आयात को सस्ता बनाना चाहते हैं। समझौते में कस्टम सुविधा और विवाद समाधान के प्रावधान भी शामिल होंगे, जो विश्व व्यापार संगठन के मानकों के अनुरूप होंगे। विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता भारत की पारंपरिक व्यापार साझेदारों से परे संबंधों को विविध बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
हस्ताक्षर समारोह में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और मेक्सिको की अर्थव्यवस्था सचिवालय के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की भागीदारी की संभावना है, जो आर्थिक सहयोग को गहरा करने की राजनीतिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह समझौता अन्य लैटिन अमेरिकी देशों के साथ भविष्य में किए जाने वाले समझौतों के लिए एक मॉडल बन सकता है, जिससे भारत को क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में और अधिक एकीकृत किया जा सकेगा।
मेक्सिको सिटी – दोनों देशों के व्यापार अधिकारियों ने इस समझौते पर एक साल से अधिक समय तक काम किया है, और ToR का अंतिम रूप देना इस प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम है। यद्यपि विशिष्ट टैरिफ शेड्यूल अभी घोषित नहीं हुए हैं, ToR से पता चलता है कि दोनों पक्ष कई वस्तुओं पर टैरिफ घटाकर आयात को सस्ता बनाना चाहते हैं। समझौते में कस्टम सुविधा और विवाद समाधान के प्रावधान भी शामिल होंगे, जो विश्व व्यापार संगठन के मानकों के अनुरूप होंगे। विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता भारत की पारंपरिक व्यापार साझेदारों से परे संबंधों को विविध बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
हस्ताक्षर समारोह में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और मेक्सिको की अर्थव्यवस्था सचिवालय के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की भागीदारी की संभावना है, जो आर्थिक सहयोग को गहरा करने की राजनीतिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह समझौता अन्य लैटिन अमेरिकी देशों के साथ भविष्य में किए जाने वाले समझौतों के लिए एक मॉडल बन सकता है, जिससे भारत को क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में और अधिक एकीकृत किया जा सकेगा।