📷 चित्र स्रोत: Times of India (via NewsData)
ऑटोमोबाइल
भारत में EV चार्जिंग स्टेशनों की कमी: 2030 के लक्ष्य से पीछे
✍️ Times of India
🗓 13 सित. 2026, 06:53 PM
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भारत में केवल 67,000 सार्वजनिक EV चार्जिंग पॉइंट्स हैं, जबकि 2030 तक 1.25 लाख की आवश्यकता है। सीमित नेटवर्क, केवल दस राज्यों में फैला और धीमी चार्जिंग, लंबी दूरी की यात्रा को कठिन बनाता है।
भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) अपनाने की गति तेज़ हो रही है, परंतु चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर उसी ताल पर नहीं बढ़ पाया है। वर्तमान में, पूरे देश में केवल 67,000 सार्वजनिक चार्जिंग पॉइंट्स उपलब्ध हैं, जो 2030 तक आवश्यक 1.25 लाख स्टेशनों से बहुत पीछे हैं।
मौजूदा नेटवर्क केवल दस राज्यों में केंद्रित है, और कई चार्जर धीमी गति से काम करते हैं। इससे लंबी दूरी की यात्रा के लिए ईवी का उपयोग सीमित हो जाता है और संभावित उपयोगकर्ताओं को हतोत्साहित करता है।
अनुमान बताते हैं कि 2030 के लक्ष्य को पाने के लिए भारत को लगभग 1.25 लाख चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने होंगे। इस पैमाने को हासिल करने के लिए सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों से समन्वित प्रयास आवश्यक है।
घर पर चार्जिंग निजी पार्किंग वाले मालिकों के लिए एक विकल्प है, परंतु ऑपरेटरों को छोटे शहरी क्षेत्रों में कम उपयोग दरों का सामना करना पड़ता है। इस वजह से राजस्व में कमी आती है, जो नए चार्जर निवेश को रोकती है और बुनियादी ढांचे के विकास में बाधा डालती है।
मौजूदा नेटवर्क केवल दस राज्यों में केंद्रित है, और कई चार्जर धीमी गति से काम करते हैं। इससे लंबी दूरी की यात्रा के लिए ईवी का उपयोग सीमित हो जाता है और संभावित उपयोगकर्ताओं को हतोत्साहित करता है।
अनुमान बताते हैं कि 2030 के लक्ष्य को पाने के लिए भारत को लगभग 1.25 लाख चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने होंगे। इस पैमाने को हासिल करने के लिए सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों से समन्वित प्रयास आवश्यक है।
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