📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Wakley, Thomas, 1795-1862
स्वास्थ्य
लैंसेट की रिपोर्ट: भारत में 13.5 करोड़ धूम्रपान करने वाले
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 15 जुल. 2026, 01:49 AM
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लैंसेट द्वारा जारी एक हालिया अध्ययन में भारत के लिए महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है, जिसमें धूम्रपान करने वालों की संख्या शामिल है। अध्ययन से पता चलता है कि भारत में 13.5 करोड़ धूम्रपान करने वाले हैं और न्यूजीलैंड के मॉडल से राहत मिल सकती है।
चिकित्सा क्षेत्र की प्रतिष्ठित पत्रिका लैंसेट द्वारा 2026 में जारी एक अध्ययन में भारतीयों की धूम्रपान करने की आदतों पर रोशनी डाली गई है। अध्ययन के अनुसार, भारत में 13.5 करोड़ धूम्रपान करने वाले हैं। यह चौंकाने वाला आंकड़ा देश में धूम्रपान को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी उपायों की आवश्यकता को रेखांकित करता है। अध्ययन में यह भी सुझाव दिया गया है कि न्यूजीलैंड के मॉडल से भारत को धूम्रपान की समस्या से राहत मिल सकती है।
लैंसेट के अध्ययन से भारतीय अधिकारियों को देश में धूम्रपान करने वालों की संख्या को कम करने के लिए कठोर कदम उठाने के लिए एक अलार्म बज गया है। अंतरराष्ट्रीय मॉडल और विशेषज्ञता की मदद से, भारत अपने नागरिकों के लिए एक स्वस्थ वातावरण बनाने की दिशा में काम कर सकता है।
अध्ययन के निष्कर्ष यह याद दिलाते हैं कि धूम्रपान भारत में एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता है, और इसके लिए नीति निर्माताओं और स्वास्थ्य पेशेवरों से तत्काल ध्यान आवश्यक है। तंबाकू नियंत्रण के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण को अपनाकर, भारत धूम्रपान से संबंधित बीमारियों के बोझ को कम कर सकता है और अपने नागरिकों के बीच एक स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दे सकता है।
लैंसेट के अध्ययन से भारतीय अधिकारियों को देश में धूम्रपान करने वालों की संख्या को कम करने के लिए कठोर कदम उठाने के लिए एक अलार्म बज गया है। अंतरराष्ट्रीय मॉडल और विशेषज्ञता की मदद से, भारत अपने नागरिकों के लिए एक स्वस्थ वातावरण बनाने की दिशा में काम कर सकता है।
अध्ययन के निष्कर्ष यह याद दिलाते हैं कि धूम्रपान भारत में एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता है, और इसके लिए नीति निर्माताओं और स्वास्थ्य पेशेवरों से तत्काल ध्यान आवश्यक है। तंबाकू नियंत्रण के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण को अपनाकर, भारत धूम्रपान से संबंधित बीमारियों के बोझ को कम कर सकता है और अपने नागरिकों के बीच एक स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दे सकता है।