📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / MoE of India
कृषि
भारत ने यूरिया उद्योग में 90,000 करोड़ निवेश के लिए नई नीति की घोषणा की
✍️ Asianet Newsable
🗓 19 अग. 2026, 09:38 PM
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सरकार ने यूरिया क्षेत्र में लगभग 90,000 करोड़ रुपये के पूँजी निवेश को आकर्षित करने और आयात को घटाने के लिए नई नीति पेश की।
नई दिल्ली – केंद्र सरकार ने यूरिया उत्पादन क्षेत्र में लगभग 90,000 करोड़ रुपये के नए पूँजी निवेश को आकर्षित करने के लिये एक नीति रूपरेखा पेश की है। इस पहल का उद्देश्य मौजूदा कारखानों को आधुनिकीकरण, नए ग्रीनफ़ील्ड प्रोजेक्ट्स को प्रोत्साहन और भारत की आयात‑निर्भरता को कम करना है।
घोषणा के अनुसार, नीति के तहत वित्तीय प्रोत्साहन, तेज़ मंजूरी प्रक्रिया और निर्माताओं के लिये अनुकूल नियामक माहौल प्रदान किया जाएगा। घरेलू उत्पादन में वृद्धि से आयातित यूरिया की मात्रा में उल्लेखनीय कमी की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित निवेश वास्तविक हो जाता है तो यह उर्वरक बाजार को बदल सकता है, किसानों को स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित कर सकता है और आवश्यक कृषि इनपुट में आत्मनिर्भरता के राष्ट्रीय लक्ष्य में योगदान देगा।
नीति के विस्तृत प्रावधानों को आगे के हफ्तों में उर्वरक मंत्रालय द्वारा जारी किया जाएगा।
घोषणा के अनुसार, नीति के तहत वित्तीय प्रोत्साहन, तेज़ मंजूरी प्रक्रिया और निर्माताओं के लिये अनुकूल नियामक माहौल प्रदान किया जाएगा। घरेलू उत्पादन में वृद्धि से आयातित यूरिया की मात्रा में उल्लेखनीय कमी की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित निवेश वास्तविक हो जाता है तो यह उर्वरक बाजार को बदल सकता है, किसानों को स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित कर सकता है और आवश्यक कृषि इनपुट में आत्मनिर्भरता के राष्ट्रीय लक्ष्य में योगदान देगा।
नीति के विस्तृत प्रावधानों को आगे के हफ्तों में उर्वरक मंत्रालय द्वारा जारी किया जाएगा।