📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / British Information Service, information service o
शिक्षा
इम्फाल टाइम्स ने शिक्षा नीति की पुस्तकालय नष्ट करने की आलोचना की
✍️ Imphal Times
🗓 13 अक्टू. 2026, 06:32 AM
👁 22
इम्फाल टाइम्स के संपादकीय ने हाल की शिक्षा नीति को ‘मूर्खता’ कहकर पुस्तकालयों को खतरे में डालने की आलोचना की।
इम्फाल टाइम्स ने “डिस्ट्रॉयिंग लाइब्रेरी: स्टुपिडिटी इन एजुकेशन पॉलिसी” शीर्षक से एक संपादकीय प्रकाशित किया, जिसमें एक नई शिक्षा नीति की आलोचना की गई है। इस लेख में कहा गया है कि नीति के कुछ प्रावधान पुस्तकालयों के विनाश या उपेक्षा की ओर ले जा सकते हैं, जिसे “मूर्खता” कहा गया है।
संपादकीय में इम्फाल के शिक्षकों और पुस्तकालय कर्मचारियों की चिंताओं को उजागर किया गया है, जो फंडिंग में कटौती और अनुचित सुधारों से पुस्तकालयों की पहुँच घटने का डर व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय शैक्षणिक विकास के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, विशेषकर राज्य की राजधानी में।
हालांकि लेख में नीति के विशिष्ट बिंदुओं का उल्लेख नहीं है, लेकिन यह नीति निर्माताओं से अनुरोध करता है कि वे ऐसे कदमों पर पुनर्विचार करें जो पुस्तकालय बुनियादी ढाँचे को खतरे में डालते हैं और ज्ञान केंद्रों के संरक्षण को प्राथमिकता दें।
यह लेख मणिपुर के शैक्षिक समुदाय में व्यापक चिंता को दर्शाता है, जहाँ कई लोग उन सुधारों को लेकर सतर्क हैं जो पुस्तकालयों की मौलिक भूमिका को अनदेखा कर सकते हैं।
इम्फाल टाइम्स ने सरकार और शैक्षिक हितधारकों के बीच संवाद की माँग की है, ताकि पुस्तकालय संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी नीति परिवर्तन से सीखने के माहौल को सुदृढ़ किया जा सके।
संपादकीय में इम्फाल के शिक्षकों और पुस्तकालय कर्मचारियों की चिंताओं को उजागर किया गया है, जो फंडिंग में कटौती और अनुचित सुधारों से पुस्तकालयों की पहुँच घटने का डर व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय शैक्षणिक विकास के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, विशेषकर राज्य की राजधानी में।
हालांकि लेख में नीति के विशिष्ट बिंदुओं का उल्लेख नहीं है, लेकिन यह नीति निर्माताओं से अनुरोध करता है कि वे ऐसे कदमों पर पुनर्विचार करें जो पुस्तकालय बुनियादी ढाँचे को खतरे में डालते हैं और ज्ञान केंद्रों के संरक्षण को प्राथमिकता दें।
यह लेख मणिपुर के शैक्षिक समुदाय में व्यापक चिंता को दर्शाता है, जहाँ कई लोग उन सुधारों को लेकर सतर्क हैं जो पुस्तकालयों की मौलिक भूमिका को अनदेखा कर सकते हैं।
इम्फाल टाइम्स ने सरकार और शैक्षिक हितधारकों के बीच संवाद की माँग की है, ताकि पुस्तकालय संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी नीति परिवर्तन से सीखने के माहौल को सुदृढ़ किया जा सके।