📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / TNSE Mahalingam VNR
मौसम
आईएमडी ने बिहार, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और जम्मू में भारी बारिश की भविष्यवाणी की
✍️ News On AIR
🗓 13 अक्टू. 2026, 02:37 AM
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भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बिहार, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और जम्मू में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने एक मौसम पूर्वानुमान जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि आने वाले दिनों में बिहार, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और जम्मू में भारी बारिश होगी। मौसम विज्ञानी इस वर्षा को पूर्वी दिशा में चल रहे कई लो‑प्रेशर सिस्टमों के कारण मानते हैं, जो बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी ले कर आ रहे हैं।
बिहार में तीव्र बौछारें संभावित जलभराव का कारण बन सकती हैं, विशेषकर निचले क्षेत्रों में। कर्नाटक के तटीय और आंतरिक हिस्सों में भी अचानक तेज़ बारिश की संभावना है, जिससे यातायात और कृषि कार्य प्रभावित हो सकते हैं। हिमाचल प्रदेश में पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है, जबकि जम्मू के मैदानों में जलभराव की आशंका है।
आईएमडी ने राज्य अधिकारियों को आपातकालीन उपाय सक्रिय करने, जनता को समय पर चेतावनी जारी करने और जल निकासी प्रणालियों की सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे आधिकारिक सूचना स्रोतों से अपडेट लेते रहें, भारी बारिश के समय अनावश्यक यात्रा से बचें और अपनी संपत्ति व जीवन की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएँ।
यह पूर्वानुमान विभाग की नियमित मौसमी निगरानी का हिस्सा है और नई जानकारी मिलने पर इसे अपडेट किया जाएगा।
बिहार में तीव्र बौछारें संभावित जलभराव का कारण बन सकती हैं, विशेषकर निचले क्षेत्रों में। कर्नाटक के तटीय और आंतरिक हिस्सों में भी अचानक तेज़ बारिश की संभावना है, जिससे यातायात और कृषि कार्य प्रभावित हो सकते हैं। हिमाचल प्रदेश में पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है, जबकि जम्मू के मैदानों में जलभराव की आशंका है।
आईएमडी ने राज्य अधिकारियों को आपातकालीन उपाय सक्रिय करने, जनता को समय पर चेतावनी जारी करने और जल निकासी प्रणालियों की सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे आधिकारिक सूचना स्रोतों से अपडेट लेते रहें, भारी बारिश के समय अनावश्यक यात्रा से बचें और अपनी संपत्ति व जीवन की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएँ।
यह पूर्वानुमान विभाग की नियमित मौसमी निगरानी का हिस्सा है और नई जानकारी मिलने पर इसे अपडेट किया जाएगा।