📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Timothy A. Gonsalves
विज्ञान
आईआईटी मंडी अध्ययन ने हिमाचल में 9 बढ़ते ग्लेशियल झीलों से बाढ़ खतरे की चेतावनी दी
✍️ Business Standard
🗓 05 सित. 2026, 05:35 PM
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आईआईटी मंडी के एक अध्ययन ने हिमाचल प्रदेश में नौ बढ़ती ग्लेशियल झीलों की पहचान की है, जो आस-पास के समुदायों के लिए महत्वपूर्ण बाढ़ खतरा पैदा कर सकती हैं।
आईआईटी मंडी के शोधकर्ताओं ने हिमाचल प्रदेश में नौ ग्लेशियल झीलों के तेज़ी से बढ़ने की रिपोर्ट प्रकाशित की है। अध्ययन में उपग्रह चित्रों और स्थल सर्वेक्षणों का उपयोग किया गया, जिसमें यह दिखाया गया कि इन झीलों के अचानक फटने से आस-पास के गांवों और बुनियादी ढांचे पर बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
ये झीलें राज्य के ऊँचे हिस्सों में स्थित हैं और पिछले दशक में लगातार पानी के स्तर में वृद्धि दिखा रही हैं। शोध के अनुसार, बढ़ते तापमान और पिघलते पानी के इनपुट के संयोजन से झीलों का विस्तार हो रहा है।
स्थानीय अधिकारियों को इन झीलों पर कड़ी निगरानी रखने और प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियाँ विकसित करने की सलाह दी गई है। अध्ययन ने राज्य एजेंसियों, वैज्ञानिकों और समुदाय समूहों के बीच समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह खोज हिमालयी ग्लेशियल प्रणालियों पर जलवायु परिवर्तन के व्यापक प्रभावों को रेखांकित करती है और सक्रिय आपदा प्रबंधन रणनीतियों की आवश्यकता को दर्शाती है।
ये झीलें राज्य के ऊँचे हिस्सों में स्थित हैं और पिछले दशक में लगातार पानी के स्तर में वृद्धि दिखा रही हैं। शोध के अनुसार, बढ़ते तापमान और पिघलते पानी के इनपुट के संयोजन से झीलों का विस्तार हो रहा है।
स्थानीय अधिकारियों को इन झीलों पर कड़ी निगरानी रखने और प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियाँ विकसित करने की सलाह दी गई है। अध्ययन ने राज्य एजेंसियों, वैज्ञानिकों और समुदाय समूहों के बीच समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह खोज हिमालयी ग्लेशियल प्रणालियों पर जलवायु परिवर्तन के व्यापक प्रभावों को रेखांकित करती है और सक्रिय आपदा प्रबंधन रणनीतियों की आवश्यकता को दर्शाती है।