📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jeevan1055
शिक्षा
आईआईएम जम्मू ने FEISD और मिशन यूवा के साथ त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए
✍️ Daily Excelsior
🗓 04 सित. 2026, 07:33 AM
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भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) जम्मू ने फाउंडेशन फॉर एजुकेशन एंड इनोवेशन इन सस्टेनेबल डिवेलपमेंट (FEISD) और मिशन यूवा के साथ कौशल विकास व उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए त्रिपक्षीय समझौता किया।
आईआईएम जम्मू, फाउंडेशन फॉर एजुकेशन एंड इनोवेशन इन सस्टेनेबल डिवेलपमेंट (FEISD) और मिशन यूवा ने त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर करके सहयोग को औपचारिक रूप दिया। यह समझौता आईआईएम परिसर में आयोजित समारोह में किया गया, जिसमें तीनों संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
समझौते में कौशल विकास, युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने और सतत विकास पर शोध को सुदृढ़ करने के लिए संयुक्त पहलें निर्धारित की गई हैं। आईआईएम जम्मू शैक्षणिक विशेषज्ञता और प्रशिक्षण मॉड्यूल प्रदान करेगा, FEISD अपने सतत परियोजनाओं के नेटवर्क को योगदान देगा, जबकि मिशन यूवा युवा स्वयंसेवकों और सामुदायिक outreach को संगठित करेगा।
इन पहलों के माध्यम से छात्रों और स्थानीय युवाओं के लिए कार्यशालाएँ, इंटर्नशिप और पायलट प्रोजेक्ट्स स्थापित किए जाएंगे, जो राष्ट्रीय कौशल निर्माण लक्ष्यों के साथ संरेखित होंगे। सहयोग से उत्पन्न केस स्टडीज को अन्य क्षेत्रों में दोहराने की संभावना भी देखी जा रही है।
कार्यान्वयन की निगरानी एक स्टियरिंग कमिटी करेगी, जिसमें संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, और समय‑समय पर प्रभाव का मूल्यांकन कर सफल पहलों को विस्तारित किया जाएगा।
समझौते में कौशल विकास, युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने और सतत विकास पर शोध को सुदृढ़ करने के लिए संयुक्त पहलें निर्धारित की गई हैं। आईआईएम जम्मू शैक्षणिक विशेषज्ञता और प्रशिक्षण मॉड्यूल प्रदान करेगा, FEISD अपने सतत परियोजनाओं के नेटवर्क को योगदान देगा, जबकि मिशन यूवा युवा स्वयंसेवकों और सामुदायिक outreach को संगठित करेगा।
इन पहलों के माध्यम से छात्रों और स्थानीय युवाओं के लिए कार्यशालाएँ, इंटर्नशिप और पायलट प्रोजेक्ट्स स्थापित किए जाएंगे, जो राष्ट्रीय कौशल निर्माण लक्ष्यों के साथ संरेखित होंगे। सहयोग से उत्पन्न केस स्टडीज को अन्य क्षेत्रों में दोहराने की संभावना भी देखी जा रही है।
कार्यान्वयन की निगरानी एक स्टियरिंग कमिटी करेगी, जिसमें संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, और समय‑समय पर प्रभाव का मूल्यांकन कर सफल पहलों को विस्तारित किया जाएगा।