📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Allindia2004
स्वास्थ्य
IGIMS ने आयुष्मान धोखाधड़ी के बाद सीधी निगरानी लागू की
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 30 सित. 2026, 08:31 AM
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13.89 करोड़ की राजस्व हानि और 45 लाख के फर्जी क्लेम के बाद IGIMS ने आयुष्मान योजना की सीधी निगरानी शुरू की है।
पटना स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ग्रेजुएट मेडिकल साइंसेज़ (IGIMS) ने आयुष्मान भारत योजना में अनियमितताओं के कारण 13.89 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान दर्ज किया है। ऑडिट में 45 लाख रुपये की फर्जी क्लेम का पता चला, जिससे CAG ने आपत्ति जताई।
इसे देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने सभी आयुष्मान लेन‑देनों की सीधी निगरानी के लिए एक नया तंत्र स्थापित करने का निर्णय लिया। इस व्यवस्था में रोगी की पात्रता की वास्तविक‑समय जाँच, कागजी दस्तावेज़ों की कड़ी जांच और नियमित आंतरिक ऑडिट शामिल होंगे।
अधिकारी बताते हैं कि यह कदम लाभार्थियों का भरोसा पुनः स्थापित करने और वित्तीय नुकसान को रोकने के लिए उठाया गया है। निगरानी प्रणाली राज्य स्वास्थ्य विभाग और केंद्र सरकार की योजना प्राधिकरण के साथ समन्वय में चलेगी।
प्रबंधन ने यह भी कहा कि आयुष्मान क्लेम संभालने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रशिक्षण दिया जाएगा और भविष्य में किसी भी विसंगति की तुरंत CAG को सूचना दी जाएगी।
इसे देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने सभी आयुष्मान लेन‑देनों की सीधी निगरानी के लिए एक नया तंत्र स्थापित करने का निर्णय लिया। इस व्यवस्था में रोगी की पात्रता की वास्तविक‑समय जाँच, कागजी दस्तावेज़ों की कड़ी जांच और नियमित आंतरिक ऑडिट शामिल होंगे।
अधिकारी बताते हैं कि यह कदम लाभार्थियों का भरोसा पुनः स्थापित करने और वित्तीय नुकसान को रोकने के लिए उठाया गया है। निगरानी प्रणाली राज्य स्वास्थ्य विभाग और केंद्र सरकार की योजना प्राधिकरण के साथ समन्वय में चलेगी।
प्रबंधन ने यह भी कहा कि आयुष्मान क्लेम संभालने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रशिक्षण दिया जाएगा और भविष्य में किसी भी विसंगति की तुरंत CAG को सूचना दी जाएगी।